सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (एमसीयू), भोपाल में के. आर. मलकानी सिंधी पत्रकारिता एवं संचार केंद्र के एमओयू अनुबंध कार्यक्रम का आयोजन भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत किया गया और केंद्र की संयोजक जया सुरजानी ने इस केंद्र और एमओयू की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए एक नई शुरुआत है। उन्होंने सिंध की संस्कृति, भाषा और पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह केंद्र नई पीढ़ी को उनके इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने इंदौर में आयोजित सिंधु महोत्सव और द सिंध स्टोरी पुस्तक का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में स्थापित यह केंद्र सिंधी समाज और संस्कृति के प्रसार में अहम भूमिका निभाएगा। राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के अध्यक्ष सुनील बाबुराव कुलकर्णी ने कहा कि यह केंद्र सिंधी भाषा में पत्रकारिता और साहित्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा में शिक्षा पर जोर दिया गया है और इस केंद्र के माध्यम से परिषद वर्ष भर के कार्यक्रम संचालित कर सकेगी। उन्होंने ज्ञान के साथ संस्कारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह ऐतिहासिक पल है और एमसीयू का यह प्रयास देश में पहला कदम है जो सिंधी पत्रकारिता के विकास को समर्पित है। उन्होंने सिंध के गौरवशाली इतिहास और सिंधियत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्व निदेशक रवि प्रकाश टेकचंदानी ने के. आर. मलकानी के व्यक्तित्व और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केंद्र उनकी स्मृति और कृतित्व को समर्पित है। मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व प्रमुख मनोहर ममतानी ने कहा कि अन्य प्रदेशों में भी सिंधी पत्रकारिता पर कार्य होना चाहिए। कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक अशोक मनवानी ने भाषायी पत्रकारिता के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन दीपिका सक्सेना ने किया, जबकि कुलसचि पी. शशिकला ने उपस्थित विशेषज्ञों और अतिथियों के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठजन, अधिकारी और विद्यार्थी उपस्थित थे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन किया।