सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश में राज्य सरकार के प्रयासों से वर्ष 2026-27 में अर्थव्यवस्था के 18.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। वर्ष 2025-26 में जीएसडीपी 16.48 लाख करोड़ रुपये रही, जिसमें अब उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये के बजट में विकास, सामाजिक सुरक्षा और अधोसंरचना को प्राथमिकता दी गई है। सरकार को वर्ष के अंत में राजस्व आधिक्य रहने की उम्मीद है। अधोसंरचना परियोजनाओं को गति देने के लिए 80,266 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया गया है, जो जीएसडीपी का 4.80 प्रतिशत है। बजट में विभिन्न विभागों के आवंटन में वृद्धि की गई है, जिसमें ग्रामीण विकास (37%), नगरीय विकास (16%), महिला एवं बाल विकास (26%), राजस्व (43%) और स्कूल शिक्षा (11%) शामिल हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी। कृषि क्षेत्र के लिए 88,910 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो गैर-बजटीय संसाधनों सहित लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। महिला सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहना योजना हेतु 23,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के लिए भी बजट आवंटन किया गया है, जिनमें स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23,747 करोड़ रुपये शामिल हैं। सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान योजनाओं के लिए 1.83 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नई योजनाओं में द्वारका, स्वामित्व और यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना शामिल हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगी। कुल मिलाकर यह बजट अधोसंरचना विकास, कृषि सशक्तिकरण, महिला कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के संतुलन के साथ राज्य की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।