सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर में हिंदी पखवाड़े (हरिशंकर परसाई जन्म शताब्दी स्मरण ) का आयोजन किया गया | केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति श्रीनिवास वरखेड़ी के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम के समापन सत्र में भोपाल साहित्य अकादमी, के निदेशक विकास दवे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय,भोपाल परिसर के निदेशक रमाकांत पाण्डेय ने की। इस अवसर पर कार्यक्रम की समन्वयिका भारतीय विद्याशाखा की विभाग अध्यक्ष अर्चना दुबे उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि विकास दवे ने अपने उद्बोधन में कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी का महत्व अत्यंत शीर्ष पर है यह भाषा विश्व के लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी को और अधिक सम्मानित करने के लिए तकनीकी ज्ञान से जोड़ा जाना चाहिए, हिन्दी के साथ एक राष्ट्रीय चरित्र और अस्मिता का विकास भाषा के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है, इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष परिसर निदेशक रमाकांत पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में संस्कृत और हिंदी के अंतर्संबंध को उजागर किया। संस्कृत भाषा अत्यंत प्राचीन व कई भाषाओं की जननी है, हिंदी कई देशों में मूल भाषा के रूप में बोली जाती है यह हमारे जीवन मूल्य, संस्कृति एवं संस्कारों की संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। कार्यक्रम की समन्वयिका अर्चना दुबे ने अतिथियों का वाचिक स्वागत किया।

हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत संपन्न की गई गतिविधियों का प्रतिवेदन आलोक कुमार जैन ने प्रस्तुत किया, इस पखवाड़े के अंतर्गत निबंध लेखन प्रतियोगिता, आशु भाषण प्रतियोगिता, हिंदी भाषण प्रतियोगिता, एवं पुस्तक समीक्षा एवं काव्य पाठ आदि अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित की गई एवं प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया जिसमे जय नागर, दीपक आर्य, पूर्णिमा यादव, देवेंद्र मिश्रा, आशुतोष द्विवेदी, विवेक कुमार, तेजेंद्र अचार्य ,अनुज भार्गव, प्रतीक पांडे ,समर्थ व्यास, किरण सौराष्ट्रीय, निर्देश कुमार ,आदि छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण किए गए। कार्यक्रम का संचालन हिंदी पखवाड़े के संयोजक सुभाष चंद्र ने किया एवं आभार ज्ञापन डॉ. जी. नरसिंहुलु ने किया।