आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विधानसभा चुनाव 2023 के लिए कांग्रेस की अब तक एक भी सूची नहीं आई है वहीं भाजपा 4 सूची जारी कर चुकी है। भाजपा ने अब तक मालवा-निमाड़ की 66 में से 37 सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए हैं, वहीं 29 पर उम्मीदवारी घोषित करना बाकी है। इन 29 सीट में अभी 18 पर भाजपा, 8 पर कांग्रेस तो 3 सीट निर्दलीयों के पास है। भाजपा ने पहली व दूसरी सूची में हारी हुई सीटों पर उम्मीदवार उतारे वहीं तीसरी सूची में मात्र एक नाम था।

चौथी सूची में जीते हुए विधायकों, मंत्रियों को टिकट दिया लेकिन असली माथापच्ची अब बची हुई 29 सीटों पर है। सबसे अहम पहलू यह है कि इन 29 सीटों पर भाजपा हो या कांग्रेस, प्रत्याशी का नाम ही जीत-हार का फैसला कर देगा। इन सीटों पर जीत का अंतर काफी कम रहा है। जीत के अंतर के साथ ही जातिगत समीकरण और उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि भी अहम होगी। इनमें इंदौर की तीन सीटों के अलावा मालवा-निमाड़ की धार, खरगोन, खंडवा, बड़वाह, रतलाम ग्रामीण और उज्जैन दक्षिण सहित अन्य सीटें शामिल हैं।

प्रमुख सीटें, जहां दोनों दलों की नजर, प्रत्याशी थोड़ा भी कमजोर हुआ तो सीट फिसल जाएगी

इंदौर-3: दो चुनाव से भाजपा काबिज है। कैलाश विजयवर्गीय को 1 नंबर से टिकट मिलने के बाद यहां नए चेहरे की तलाश है। महाराष्ट्रीयन, वैश्य और मुस्लिम बहुल इस सीट को बचाने की जुगत में भाजपा है तो कांग्रेस खोई हुई सीट फिर हासिल करना चाहेगी।

इंदौर-5: यहां महेंद्र हार्डिया 4 बार से जीतते आ रहे हैं। सबसे ज्यादा दावेदारी भाजपा के नेताओं की यहीं से है। कई नेता यहां संभावना तलाश रहे हैं। कांग्रेस से दो ही दावेदार हैं।

खरगोन: पांच चुनाव में तीन बार भाजपा तो दो बार कांग्रेस विधायक रहा। पिछली बार कांग्रेस के रवि जोशी ने भाजपा से यह सीट छीनी थी। कांग्रेस में स्थिति स्पष्ट है लेकिन भाजपा में पूर्व विधायक के साथ दो नए नाम भी हैं। निमाड़ में पार्टी की पुरानी पकड़ वापस लाने के लिए भाजपा यहां नया प्रयोग कर सकती है।

धार: भाजपा और कांग्रेस दोनों में प्रत्याशियों की भरमार है। पूर्व जिलाध्यक्ष बालमुकुंद गौतम और पूर्व मंत्री विक्रम वर्मा के परिवार में ही लंबे समय से फाइट होती आ रही है।

खंडवा: यहां असमंजस बरकरार है। भाजपा से विधायक देवेंद्र वर्मा के अलाव कुछ अन्य नाम भी हैं। कांग्रेस में भी यही स्थिति है। एससी आरक्षित सीट पर भाजपा काे एंटी इनकमबेंसी का खतरा है।

मनावर: पूर्व मंत्री रंजना बघेल, शिवराज कन्नोज का नाम भाजपा से है तो कांग्रेस से विधायक हीरालाल अलावा, राधेश्याम मुवेल के नाम हैं। जयस से लालसिंह बर्मन जो जयस के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं, उनकी भी दावेदारी है।

बुरहानपुर: कांग्रेस, भाजपा दोनों को एक-दूसरे की सूची का इंतजार है। बुरहानपुर में भाजपा से पूर्व मंत्री चिटनीस, स्व. नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान जैसे नाम हैं तो कांग्रेस से विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा।

भाजपा अब तक 13 एसटी, 7 एससी, 17 सामान्य सीटों पर उतार चुकी प्रत्याशी

भाजपा अब तक 4 सूची जारी कर चुकी है, जिसमें से तीन सूची में मालवा-निमाड़ की 66 सीटों में से 37 के नाम फाइनल हो चुके हैं। इन 37 नामों में 13 एसटी सीट, 7 एससी सीट और 17 सामान्य सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। पहली और दूसरी सूची में अंचल के 11-11 नाम थे तो चौथी सूची में 15 नाम हैं। इन 15 में से 8 तो प्रदेश सरकार में मंत्री हैं और 7 विधायक।

इंदौर3, 5 व महू समेत इन 29 सीटों पर बचे हैं भाजपा के उम्मीदवार

इंदौर 3, 5, महू, धार, मनावर, सरदारपुर, जोबट, सेंधवा, खरगोन, बड़वाह, भगवानपुरा, खंडवा, पंधाना, मांधाता, बुरहानपुर, नेपानगर, उज्जैन दक्षिण, बड़नगर, महिदपुर, बागली, सुसनेर, शुजालपुर, कालापीपल, रतलाम ग्रामीण, जावरा, आलोट, गरोठ, मनासा, नीमच।