सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: 24 मई को एक्टर मनोज बाजपेयी की फिल्म भैयाजी रिलीज होने वाली है। इसमें इंदौर का बेटा आनंद आचार्य भी नजर आएगा। आनंद इस फिल्म में मनोज बाजपेयी के राइट हैंड का रोल कर रहे हैं। फिल्म में उनका नाम भोला है। सामान्य परिवार से आने वाले आनंद को मुंबई में 16 साल स्ट्रगल करने के बाद ये पहली फिल्म मिली है। ये इसलिए भी खास है, क्योंकि मनोज बाजपेयी ही आनंद के रोल मॉडल भी हैं और उन्हीं के साथ अपनी पहली फिल्म में काम करने का मौका मिला। जानिए इंदौर के बेटे की एमबीए करने से लेकर एक्टर बनने तक की कहानी…।

एक्टिंग करने की हिम्मत नहीं होती थी, एक महीने जॉब की फिर छोड़ दी

मैं स्कूल में था तब बच्चन साहब की फिल्म देखकर लगता था ऐसा कुछ करना चाहिए। लेकिन हिम्मत नहीं होती थी। फिर शाहरुख को देखा, मनोज वाजपेयी को देखा ये सब नॉर्मल लोग लगे। फिर एहसास हुआ कि मैं भी एक्टिंग कर सकता हूं। 8वीं क्लास से थिएटर करना शुरू कर दिया था। लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी।

मैं समझता था कि मैं सुंदर नहीं हूं। ऐवरेज लुकिंग हूं। कैसे एक्टर बनूंगा। आमिर खान को देखा तो उनकी हाइट मुझ से भी कम थी। फिर समझ में आया कि यदि व्यक्ति में कला है तो लुक्स से कुछ नहीं होता है। पर्सनैलिटी हुनर से आती है।

पढ़ाई चलती रही और साथ-साथ एक्टर बनने का सपना भी चलता रहा। DAVV से एमबीए किया मगर मन एक्टिंग में ही लगता था। शुरुआत में एक विज्ञापन एजेंसी में जॉब भी की। लेकिन एक महीने में जॉब छोड़ दी। पिता(अरुण आचार्य) चाहते थे कि मैं इंजीनियर बनू। वो रिटायर्ड इंजीनियर है। मां(सुलभा) की तरफ से कभी कुछ नहीं कहा गया। हमेशा उन्होंने यही कहा कि जो भी कर बेटा अच्छा करना। एक्टिंग में जाने से घर वाले खुश नहीं थे। घर वालों का प्रेशर रहता था कि ये क्या करने जा रहे हो।

भैयाजी में पहले पंडित के रोल के लिए बुलाया था

2008 के आसपास मुंबई चला आया। वहां मकरंद देशपांडे के साथ थिएटर किया। कुछ सीरियल में काम भी किया, जैसे अदालत। 16 साल स्ट्रगल के बाद पहली फिल्म भैयाजी मिली। मुझे फिल्म में पंडित के रोल के लिए बुलाया था। मैंने इस रोल के लिए ऑडिशन भी दे दिया था। लेकिन 15 दिन बाद फिर से ऑडिशन के लिए बुलाया गया। इस बार ऑडिशन भोला के रोल के लिए था। पहली ही बार में भोला के रोल के लिए सिलेक्ट कर लिया गया। भोला फिल्म में मनोज बाजपेयी के राइट हैंड के किरदार में है।

जानिए मनोज बाजपेयी को सेट पर क्या पसंद है

आनंद के अनुसार मनोज डिसिप्लिन उन्हें पसंद हैं। उन्हें सेट पर फालतू की मस्ती पसंद नहीं है। शूटिंग के दौरान हमेशा कहते थे कैरेक्टर में डूबे रहो। कई बार उन्होंने मेरी एक्टिंग में सुधार करवाया। फिल्म में एक्शन डायरेक्टर साउथ से हैं। एक्शन सीन करते समय डर लगा था। मैं 5 लोगों से भिड़ रहा हूं तो हाथ-पैर टूटने का डर लगा रहता था। पीठ दर्द बहुत हुआ। घुटने में दर्द हुआ है।

मनोज बोले – फिल्म रिलीज होने के बाद कैमरे आनंद की तरफ होंगे

बता दें भैयाजी मूवी के प्रमोशन के लिए मंगलवार को एक्टर मनोज बाजपेयी और आनंद आचार्य इंदौर में थे। मनोज बाजपेयी ने आनंद से सभी का परिचय करवाया और कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद सभी का कैमरा आनंद की तरफ ही होगा।