इंदौर पुलिस ने बनाया नया सुरक्षा प्लान: हर वीकेंड 1 हजार जवान सड़कों पर उतारेंगे
September 21, 2024 4:32 am
Editor: ITDC News Team
सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: में वीकेंड पर होने वाले अपराधों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने नया सुरक्षा प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत हर वीकेंड एक हजार पुलिस जवान सड़कों पर उतरकर चेकिंग करेंगे। डायल 100 के फिक्स पॉइंट्स को बदला जाएगा और उन्हें उन स्थानों पर तैनात किया जाएगा, जहां अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं।
मुख्य बिंदु:
- कॉम्बिंग गश्त: हर वीकेंड के दौरान पुलिस के जवानों के साथ थाना प्रभारी भी फील्ड में उतरेंगे। बड़े चौराहों और कॉलोनियों में आकस्मिक चेकिंग की जाएगी।
- नशाखोरी पर नकेल: नशा करने और बेचने वालों के खिलाफ लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। हर डीसीपी जोन में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- फील्ड में डीसीपी: चारों जोन में डीसीपी खुद फील्ड में तैनात रहेंगे और थाना प्रभारी नए रूट पर आकस्मिक चेकिंग करेंगे।
- 150 चिह्नित स्थान: नशेड़ियों के अड्डों के 150 स्थानों पर पुलिस पेट्रोलिंग की जाएगी।
- ब्रीथ एनालाइजर: हर थाने पर ब्रीथ एनालाइजर और बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध करवाए जाएंगे।
बदमाशों का रूट मैप:
पुलिस के फिक्स चेकिंग पॉइंट्स को बदला जाएगा और नशाखोरों के भागने के रूट्स को चिह्नित किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बदमाश गलियों से भागकर भी नहीं बच सकें।
आबकारी की सख्ती:
वीकेंड पर आबकारी टीमों को भी फील्ड पर तैनात किया जाएगा। सभी बार और पब रात 12 बजे बंद करने के आदेश दिए गए हैं, और उनकी गतिविधियों की निगरानी के लिए कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
यह नया सुरक्षा प्लान इंदौर में अपराध की घटनाओं को कम करने में मददगार साबित होगा, जिससे शहर की जनता को सुरक्षा का एहसास होगा।
Tags:
1 हजार जवान,
अपराध नियंत्रण,
आकस्मिक चेकिंग,
आबकारी टीम,
इंदौर पुलिस,
कॉम्बिंग गश्त,
चेकिंग,
डीसीपी,
नया सुरक्षा प्लान,
नशाखोरी,
पुलिस पेट्रोलिंग,
बदमाशों का रूट मैप,
बार-पब,
ब्रीथ एनालाइजर,
सड़कों पर,
सुरक्षा,
हर वीकेंड
कार्यों की गुणवत्ता एवं समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दक्षिण पश्चिम...
नरेला और गोविंदपुरा में जनकल्याण शिविर आयोजित सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल जिले में नगरीय निक...
कालापानी में खंड स्तरीय जनकल्याण शिविर आयोजित सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्यमंत्री मोहन यादव की...
ओपीडी से अनुपस्थित डॉक्टरों को सीएमएचओ का नोटिस सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीएमएचओ ने भोपाल की अल...
85 समपार फाटकों पर चला जागरूकता अभियान सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अंतर्राष्ट्रीय समपार फाटक जागरू...
रॉयल निमाड़ ईगल्स की रोमांचक 3 विकेट से जीत सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश लीग टी-20 (सिंध...
भाजपा ने दावा किया है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का खेमा “असली टीएमसी” का प्रतिनिधित्व नहीं करता, जबकि टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
आरएनटीयू में तीन दिवसीय पर्यावरण जागरूकता अभियान सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रवीन्द्रनाथ टैगोर विश...
तेलंगाना के 11 जिलों में IMD ने आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
एस्ट्रो-टूरिज्म को बढ़ावा देने प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंचलिक विज्ञ...
हैदराबाद में नागरिकों की अगुवाई में केबीआर नेशनल पार्क के आसपास 672 पेड़ों की जियो-टैगिंग की गई। पहल का उद्देश्य सार्वजनिक डेटाबेस बनाना और हरित क्षेत्र संरक्षण को मजबूत करना है।
तेलंगाना रणनीतिक ढांचागत निवेश, Logistics Policy 2.0 और मल्टीमोडल कनेक्टिविटी के दम पर देश के बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भाजपा की तुलना किम जोंग उन से करते हुए मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन खारिज किए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए, जिस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
महाराष्ट्र में NCP-SP और कांग्रेस के संभावित विलय की अटकलें तेज हैं, लेकिन NCP-SP नेताओं ने कहा है कि अब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव न मिला है और न ही उस पर चर्चा हुई है।
एक प्रमुख महिला अधिकार कार्यकर्ता के जीवन और काम पर आधारित लघु फिल्म ने प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतकर व्यापक पहचान हासिल की। इस उपलब्धि को सामाजिक सरोकार वाले सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।