सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: भोपाल, मध्यप्रदेश. भारतीय वन प्रबंध संस्थान, भोपाल द्वारा 12 अक्टूबर 2023 के दौरान विभिन्न राज्यों के आईएफएस अधिकारियों के लिए “कास्ट एवं लघु वन उपज का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यशाला में अरुण कुमार बंसल, पूर्व एडीजी (वन) (मुख्य अतिथि), के. रविचंद्रन, निदेशक, आईआईएफएम और प्रोफेसर मनमोहन यादव, पाठ्यक्रम निदेशक उपस्थित थे।
अपने उदबोधन में बंसल ने कहा, “यह कार्यशाला न केवल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बेहतर समझ प्रदान करने में योगदान देगी, बल्कि देश के जंगलों के भीतर क्या हो रहा है, इसका आत्मनिरीक्षण करने में भी मदद करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक वन अधिकारी के रूप में हमारा ध्यान मात्रा और गुणवत्ता दोनों ही परिपेक्ष में लकड़ी के उत्पादों की आवश्यकताओं को पूरा करना होना चाहिए।
वही अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर प्रकाश डालते हुए, आईआईएफएम के निदेशक, के. रविचंद्रन ने कहा कि 42 मिलियन क्यूबिक मीटर लकड़ी के उत्पादन के साथ भारत विश्व स्तर पर लकड़ी के उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा देश है। उल्लेखनीय रूप से, इस कुल उत्पादन में से, 40 मिलियन घन मीटर की महत्वपूर्ण मात्रा जंगल के बाहर के पेड़ों से आती है। उन्होंने लकड़ी के अवैध व्यापार से निपटने के लिए एक उपकरण के रूप में सतत वन प्रबंधन (एसएफएम) और वन प्रमाणिकरण के महत्व पर भी जोर दिया।
कार्यशाला के पहले तकनीकी सत्र में आईआईएफटी के ओ.पी. वाली ने ‘भारत के विदेश व्यापार के रुझान’ पर विस्तार से चर्चा की। दूसरे तकनीकी सत्र में, मनमोहन यादव ने भारत के परिपेक्ष में बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों (एमईए), वार्ता, वानिकी नीति पर चर्चा, वन क्षेत्र में व्यापार योग्यता और विश्व वानिकी उत्पाद व्यापार में विनियमों और रुझानों के नए युग पर चर्चा की।
अंतिम सत्र के दौरान, अरुण कुमार बंसल द्वारा लकड़ी की क्षमता एवं खपत तथा भारत के वन उत्पादों के आयात-निर्यात परिदृश्यों पर विस्तृत चर्चा की गयी।