सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कैंसर में मीठा कितना खाएं? डॉक्टर ने बताया खानपान का सही तरीका
कैंसर का इलाज चल रहा हो तो खानपान को लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। इनमें सबसे आम सवाल है कि क्या कैंसर मरीज को मीठा पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, चीनी को पूरी तरह बंद करने से कैंसर का इलाज होने या ट्यूमर सिकुड़ने का प्रमाण नहीं है। शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को भी ऊर्जा के लिए ग्लूकोज की जरूरत होती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कैंसर के दौरान मिठाई, मीठे पेय और ज्यादा चीनी का सेवन खुलकर किया जाए। अधिक मात्रा में अतिरिक्त चीनी लेने से कुल कैलोरी बढ़ सकती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए मिठाई, शक्कर वाले पेय, केक, बिस्कुट और अन्य अधिक चीनी वाले प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को सीमित रखना बेहतर है।
कैंसर के उपचार के दौरान शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, कैलोरी, विटामिन, खनिज और तरल पदार्थ की जरूरत होती है। कुछ मरीजों में इलाज के कारण भूख कम हो सकती है या वजन तेजी से घट सकता है। ऐसे मामलों में बिना सलाह के सख्त डाइट या कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह बंद करना नुकसानदायक हो सकता है। खाने में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें। फल और सब्जियों में मौजूद प्राकृतिक शर्करा को मिठाई या शक्कर वाले पेय के बराबर नहीं माना जाता। कैंसर के प्रकार, उपचार और मरीज के वजन के अनुसार आहार की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए व्यक्तिगत डाइट के लिए डॉक्टर या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।
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