आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने भोपाल जिले की 6 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। अब कांग्रेस के चेहरे घोषित होना बाकी है। फिलहाल बीजेपी का गढ़ बनी भोपाल की हुजूर सीट पर इस बार कांग्रेस में टिकट को लेकर खासी रस्साकसी चल रही है।
पूर्व विधायक जितेंद्र डागा जहां दावेदारी कर रहे हैं तो वहीं पिछला चुनाव हारे नरेश ज्ञानचंदानी सहानुभूति और सिंधी वोटर्स में मजबूत पकड़ के दम पर फिर दावा ठोक रहे हैं। इस सीट पर जिला पंचायत चुनाव में हुई धांधली का हवाला देकर अवनीश भार्गव दावेदारी कर रहे हैं।
पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंची
परिसीमन के बाद साल 2008 में अस्तित्व में आई हुजूर विधानसभा में अब तक हुए 3 चुनावों में बीजेपी के ही विधायक चुनाव जीते हैं। पहली बार हुए चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी जितेंद्र डागा ने निर्दलीय उम्मीदवार भगवानदास सबनानी को 16980 वोटों के अंतर से चुनाव हराया था। इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र सिंह मीणा तीसरे नंबर पर रहे थे।
साल 2013 में हुए दूसरे विधानसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र मंडलोई को 59604 वोटों के बडे़ मार्जिन से चुनाव हराया था।
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने दूसरी बार रामेश्वर शर्मा को प्रत्याशी बनाया। रामेश्वर ने कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी को 15,725 वोटों के अंतर से चुनाव हराया।
किसका दावा क्यों
जितेंद्र डागा- बीजेपी की कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के करीबी जितेंद्र डागा 2008 में पहली बार विधायक बने लेकिन एक केस में उलझने के चलते बीजेपी ने दूसरी बार उनका टिकट काट दिया। सुषमा स्वराज के निधन के बाद डागा ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली। जैन समुदाय से ताल्लुक रखने वाले जितेंद्र डागा भोपाल के बडे़ व्यवसायी हैं। कमलनाथ सहित तमाम कांग्रेस नेताओं से उनके अच्छे संबंधों के बलबूते वे टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
अवनीश भार्गव- मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री और सागर जिले के प्रभारी अवनीश भार्गव की पत्नी भोपाल जिला पंचायत की सदस्य हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस नेता नौरंग गुर्जर की पत्नी को अपने पाले में करके जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भार्गव को शिकस्त दे दी थी।
इस चुनाव में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, विधायक पीसी शर्मा सहित तमाम कांग्रेस के नेता मौके पर डटे रहे थे और बीजेपी नेताओं पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। भार्गव जिला पंचायत चुनाव में हुई धांधली और धोखेबाजी को कांग्रेस नेतृत्व के सामने रखकर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। हुजूर के ग्रामीण इलाकों में भी उनकी मजबूत पकड़ है।