आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ऐसी मिसालें बहुत कम दिखाई देती हैं, जब कोई अपना घर बनाना शुरू कर दे और वह उस भूमि को धर्म स्थल के लिए दान कर दे। भोपाल से 70 किमी दूर औबेदुल्लागंज क्षेत्र के ग्राम बम्होरी में ऐसा ही हुआ है। यहां एक ढाबा संचालक सिख दंपती ने पौन एकड़ जमीन गुरुद्वारा के लिए दान कर दी।

दान की प्रेरणा पत्नी ने दी जब गांव में भोपाल के हमीदिया रोड नानकसर गुरुद्वारा कमेटी की संगत प्रभात फेरी निकालने पहुंची। असल में गांव के सिख परिवारों को 12 किमी दूर सुल्तानपुर अथवा 35 किमी दूर औबेदुल्लागंज गुरुद्वारा जाना पड़ता है। संगत से उन्होंने अनुरोध किया कि वे भूमि दान कर रहे हैं, परंतु यहां गुरुद्वारा के साथ ही प्राथमिक शाला व एक डिस्पेंसरी भी जरूर बनाएं।

गुरु का घर बने तो मेरा सौभाग्य होगा

मेरा घर भोपाल में ईदगाह स्थित नीलकंठ कॉलोनी में है। यहां औबेदुल्लागंज रोड पर ढाबा चलाता हूं। मेरे दो बच्चे 14 व 16 साल के हैं, जो भोपाल मे पढ़ते हैं। यहां ढाबे के ऊपर उन्होंने कमरा बना रखा है। जब यहां रुकना होता है, तो इस कमरे में रहते हैं। बच्चे बड़े होंगे तो बड़े घर की जरूरत पड़ेगी।

यह सोच कर बम्होरी में मकान बना रहा था। पिलर का काम चल रहा था। पत्नी परमजीत कौर को जब भोपाल से प्रभात फेरी संगत गांव में आने की खबर लगी तो उसने सोचा कि कितना बुरा लगेगा कि गांव में कोई गुरुद्वारा नहीं है। तब उसने मुझसे कहा कि क्यों न हम यहां गुरुद्वारा बनवाने के लिए यह भूमि कमेटी को दान कर दें। गुरु की कृपा से हमारे पास भोपाल में घर है। मैं सहमत हो गया और मैंने भी सोचा कि इस भूमि पर बने गुरु का घर बने, यह मेरा सौभाग्य ही होगा। -कुलदीप सिंह अरोरा, भूमि दानदाता

डॉक्टरों की व्यवस्था करेगी कमेटी

कुलदीप सिंह ने कहा कि मैंने हमीदिया रोड गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष परमवीर सिंह वजीर को इस विचार से अवगत कराया। परमवीर सिंह ने बताया कि वह कुलदीप की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहां गुरुद्वारा के साथ ही स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र के रूप में डिस्पेंसरी भी बनवाएंगे। उसमें बैठने के लिए चिकित्सकों की नियुक्ति भी कराएंगे।