सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: देश के हृदय में स्थित मध्य प्रदेश का सौंदर्य एवं संस्कृति के साथ-साथ अतिथि देवो भव की परंपरा ने देश ही नहीं बल्कि विश्वभर के फिल्म निर्माताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। आज यदि ये कहा जाये कि मध्य प्रदेश फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है तो इस बात में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। मध्य प्रदेश फिल्मों और वेब सीरीज के लिए एक लोकप्रिय शूटिंग स्थल बन चुका है। मध्य प्रदेश के आकर्षक स्थानों, गंतव्यों में विविधता और अनुकूल सरकारी नीतियो के कारण मध्य प्रदेश शो-बिज उद्योग के लिए फिल्म शूटिंग का पसंदीदा स्थल बन गया है।
विगत वर्षों में मध्य प्रदेश ने ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों, ओटीटी (ओवर द टॉप) श्रृंखला और टेलीविजन शोज़ में अपनी उपस्तिथि दर्ज करवाई है। जिसके लिए राज्य सरकार ने फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने में काफी संभावनाएं देखीं और नीतियां बनाने तथा फिल्म और शो निर्माताओं को प्रोत्साहन प्रदान करना शुरू किया जिसकी वजह से विगत पांच वर्षों में राज्य के विभिन्न स्थानों पर 175 से अधिक फिल्म व ओटीटी की शूटिंग की गई है।
मध्य प्रदेश के महेश्वर, ओंकारेश्वर, भेड़ाघाट, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, मांडू, ओरछा, पचमढ़ी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी फिल्म निर्माताओं के लिए पसंदीदा शूटिंग स्थल बन गए हैं। फिल्मों और टीवी परियोजनाओं के अनुक्रम जैसे “द रेलवे मेन”, “आश्रम”, “गुल्लक”, “पटना शुक्ला”, “पैडमैन”, “गुटर-गु”, “राजनीती”, “आरक्षण”, “मणिकर्णिका,” “लुका छुपी”, के अलावा कई अन्य प्रमुख शोबिज परियोजनाओं की शूटिंग यहाँ की गई है। मध्य प्रदेश को फिल्म शूटिंग के लिए एक शीर्ष स्थल के रूप में उभरने के लिए प्रशंसा मिल रही है, जिस कारण 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मध्य प्रदेश को देश में सबसे अधिक फिल्म अनुकूल राज्य घोषित किया गया था।
मध्य प्रदेश 77,700 वर्ग किलोमीटर के वन क्षेत्र वाला राज्य है, जिसमें 11 राष्ट्रीय उद्यानों और 24 वन्यजीव अभयारण्यों जैसे सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान, चंबल घड़ियाल अभयारण्य, कान्हा और बांधवगढ़ के जंगल है इसके अतिरिक्त खजुराहो और सांची की भूमि, ग्वालियर, महेश्वर, ओरछा और मांडू के किले और स्मारक, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की गंगा जमुनी तहज़ीब, यहाँ के जनजातीय संग्रहालयों में दर्शित स्थानीय संस्कृति की झलक और गोहर महल जैसे पुरातात्विक वैभव और नैसर्गिक सौंदर्य फिल्म निर्देशकों को मध्य प्रदेश में सबसे विविध फिल्म निर्माण अनुभव प्रदान करती है।
फिल्म शूटिंग परमिशन प्रक्रिया सरल बनाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल स्थापित किया गया है, जो मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के तहत शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस में काम करता है तथा इसे लोक सेवा गारंटी एक्ट के अंतर्गत मात्र 15 दिन में प्रदाय करने के साथ इमरजेंसी ऑफलाइन परमिशन भी जारी करने की सुविधा देता है।
अतुल्य भारत के केंद्र में मौजूद मध्य प्रदेश की विविधता, पोस्ट-प्रोडक्शन व आवश्यक बुनियादी सुविधा की उपलब्धता यहां शूटिंग को और अधिक किफायती बनाती है जो एक निर्माता-निर्देशक को महत्वपूर्ण कारण देती है कि वे अक्सर यहाँ शूटिंग करना चाहेंगे। मध्य प्रदेश में विविध और समृद्ध शूटिंग स्थान हैं, जो वन्य जीवन, विरासत, तीर्थयात्रा और स्थानीय संस्कृति का एक बेहतरीन मिश्रण है। प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक स्मारक, स्थानीय परंपरा और जीवन शैली, सामान्य स्थलों से लेकर राजसी पहाड़ियों के बीच के परिदृश्य तक, राज्य ने कुछ सबसे अनोखे और अद्भुत शूटिंग स्थान दिए हैं। भौगोलिक विविधता का विस्तृत परिदृश्य, विरासत संपत्तियों की विविधता, शांतिपूर्ण वातावरण, विश्व धरोहर स्थलों के संपर्क के साथ-साथ शूटिंग औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं में आसानी के कारण आज मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य है। मध्य प्रदेश वास्तव में उन सभी के लिए एक उपहार है जो प्रकृति की सुंदरता को फ़िल्मी लेंस के माध्यम से देखना पसंद करते है।