सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: फार्मा कंपनी के मालिक को 30 करोड़ रुपए का लोन दिलाने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपए की ठगी करने वाले अंतराज्जीय गिरोह के दो इंजीनियर्स को अयोध्या नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा दुबई और उज्बेकिस्तान से कम ब्याज पर प्राइवेट फंडिंग और एलसी क्रेडिट सर्टिफिकेट बनवाने का झांसा दिया गया था। डेढ़ करोड़ रुपए महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए थे। इंदौर से विदेश भागने से पहले ही पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।

अयोध्या नगर पुलिस के मुताबिक ई-4 अरेरा काॅलोनी निवासी सलिल श्रीवास्तव और उनके भाई समीर श्रीवास्तव की रूस में फार्मा कंपनी है। सलिल ने 16 मार्च को पुलिस में शिकायत की थी कि उन्हें कोविड के बाद वर्ष 2021 में अपने दवा कारोबार को बढ़ाने के लिए 30 करोड़ रुपए की शीघ्र आवश्यकता थी। इस बीच मिनाल रेसीडेंसी निवासी आलोक कुमार खतारे ने अपने साथी गौरव धाकड़ के साथ मिलकर उन्हें बताया कि वह कम ब्याज पर शीघ्र लोन एवं विदेश से प्राइवेट फंडिंग करा सकते हैं। साथ ही एलसी क्रेडिट सर्टिफिकेट भी बन जाएगा।

दोनों आरोपियों को पुलिस ने इंदौर से किया गिरफ्तार

सलिल के मुताबिक एलसी क्रेडिट और कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर विभिन्न प्रकार की प्रोसेसिंग फीस और चार्जेस के नाम पर डेढ़ करोड़ ठग लिए थे। यह राशि आरोपियों ने महाराष्ट्र तमिलनाडु के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई थी। टीम ने इंदौर और देवास में आरोपियों की तलाश की थी। पुलिस ने आलोक कुमार खतारे और गौरव धाकड़ को आजाद नगर, इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। मिनाल रेसीडेंसी निवासी आलोक सिविल इंजीनियर है। वह प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट का व्यवसाय करता है। तोतला नगर इंदौर निवासी गौरव ने आईटी में इंजीनियरिंग की है। वह साॅफ्टवेयर कंसलटेंट है।

ऑनलाइन बिजनेस ज्वाइन कराकर ठगी करने वाली 3 महिलाओं समेत 5 पर केस दर्ज

आॅनलाइन बिजनेस के नाम पर लोगों से ठगी करने वाली तीन महिलाओं समेत पांच लोगों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक बैरागढ़ निवासी रोशनी संतलानी और पंचवटी काॅलोनी निवासी याशिका सायरानी ने शिकायत की थी कि उन्हें बैरागढ़ निवासी उनकी परिचित जह्नावी आसवानी ऑनलाइन बिजनेस ज्वाॅइन करने की सलाह दी थी। उसका कहना था कि इसमें मुनाफा होगा और कंपनी द्वारा विदेश जाने का मौका भी दिया जाता है। जह्नावी ने कई लुभावनी बातें कर ऑनलाइन मीटिंग अटेंड कराई। इसमें बैरागढ़ के हेड जितेश आशुदानी ने बताया कि आपकी अच्छी कमाई होगी।

यह मीटिंग जितेश के भाई साहिल आशुदानी और पत्नी दिव्या आशुदानी ने अरेंज की थी। मीटिंग के बाद जाह्नवी ने रोशनी से 1.70 लाख और याशिका से 2.10 लाख कंपनी में इंवेस्ट कराने के नाम पर अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

जह्नावी ने दोनों से एक एग्रीमेंट पर साइन करा लिए। बाद में उसने बताया कि मुनाफे प्राप्त करने के लिए दो-दो सदस्य बनाने पड़ेंगे। जब उन्हें पता चला कि दो-दो सदस्य बनाने पर ही कमाई होगी तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। इसी प्रकार उनके द्वारा आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की गई थी।

जब रकम वापस मांगी तो उनके द्वारा धमकाया जाने लगा। सरेराह गाली-गलौच की जाने लगी। इस संबंध में शिकायत करने के बाद क्राइम ब्रांच ने जहान्वी आसवानी, जितेश आशुदानी, साहिल आशुदानी, दिव्या आशुदानी और जयश्री सांगवानी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।