सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भोपाल नगर निगम पर कर्मचारियों से EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) की राशि काटकर EPFO ऑफिस में जमा नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है। सीएम डॉ. मोहन यादव को दिग्विजय सिंह ने लेटर लिखकर जांच कराने की मांग की है।
दिग्विजय सिंह ने सीएम डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र में लिखा- नगर निगम भोपाल में लगभग 8000 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी एवं लगभग 3200 नियमित कर्मचारी काम करते है । इन कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह ईपीएफ की राशि काटकर कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय (ईपीएफओ) में जमा की जानी होती है। ये कर्मचारियों की ही राशि होती है तथा उस पर उन्हें नियमानुसार ब्याज मिलता है। इसी राशि से कर्मचारियों को पेंशन मिलती है। मालूम हो कि बीते 10 फरवरी को हुई नगर निगम की मीटिंग में बीजेपी के ही पार्षद देवेन्द्र भार्गव ने यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया था
2016 से 2023 तक पेंशन निधि नहीं हुई EPFO में जमा
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में आगे लिखा- नगर निगम भोपाल द्वारा नवंबर 2016 से फरवरी 2023 तक कर्मचारियों की उक्त पेंशन निधि की राशि ईपीएफओ कार्यालय में जमा नही की गई। ईपीएफओ द्वारा अप्रैल 2022 से अक्टूबर 2023 तक अलग-अलग तारीखों में कुल 29 नोटिस नगर पालिक निगम भोपाल को भेजे गये जिसमें निगम को अपना पक्ष रखने को कहा गया। लेकिन नगर निगम भोपाल ने न तो कोई जवाब दिया और न ही सुनवाई पर उपस्थित हुए। ईपीएफओ ने अक्टूबर 2023 में भोपाल नगर निगम पर के खिलाफ एकतरफा कार्यवाही करते हुए उसे अर्थदण्ड और ब्याज सहित कुल राशि 21,11,60,748/- का भुगतान करने का आदेश दिया। निगम ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया और उक्त ब्याज सहित अर्थदण्ड की 21 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का भुगतान ईपीएफओ को कर दिया गया। शहर के आम नागरिकों से संपत्ति कर, जलकर एवं अन्य कई टैक्स के माध्यम से एकत्रित 21 करोड़ रूपए से अधिक की राशि को गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुये दण्ड एवं ब्याज के रूप में किसी संस्था को देना घोर कदाचरण की श्रेणी में आता है।