आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : साइबर जालसाजों की प्रताड़ना से तंग देव नारायण विश्वकर्मा सुसाइड केस में डेढ़ महीने बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। मृतक के मोबाइल फोन को भी अब जब्त किया गया है। मामले की जांच के लिए पुलिस की चार टीमें जुट गई हैं।

जिसमें थाने की दो टीमें और साइबर क्राइम की दो टीमें शामिल हैं। गुरुवार को एसपी ऑफिस में मृतक के पिता के बयान दर्ज किए गए हैं। जिन नंबरों से देव नारायण विश्वकर्मा को कॉल किए जा रहे थे, वे सभी नंबर झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

थाना प्रभारी दिलीप जयसवाल ने बताया कि डेढ़ महीने की जांच के बाद मामले में अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों पर खुदकुशी के लिए उकसाने, धमकी देने और धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। थाने की दो और साइबर क्राइम की दो टीमें मामले की जांच कर रही हैं। देव नारायण विश्वकर्मा को प्रताड़ित करने वाले साइबर जालसाज़ जिन नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे, सभी पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के हैं। मृतक के पिता के बयान भी गुरुवार को दर्ज किए गए हैं। देव का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। जिसका परीक्षण साइबर एक्सपर्ट्स कर रहे हैं।

पिता बोले अब किए बयान दर्ज

मृतक देव नारायण विश्वकर्मा के पिता फूल सिंह विश्वकर्मा ने बताया कि गुरुवार की सुबह उन्हें थाने बुलाया गया था। जहां देव के मोबाइल फोन की जब्ती कर ली गई। थाना प्रभारी अपनी कार से उन्हें एसपी ऑफिस लेकर पहुंचे, जहां उनके बयानों को दर्ज किया गया। एसपी प्रमोद कुमार सिन्हा ने उनसे पूरे प्रकरण की जानकारी भी ली है। उन्हें आश्वत किया गया है कि जल्द बेटे को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले साइबर जालसाजों को पकड़ लिया जाएगा। डेढ़ महीने से ठंडी पड़ी पुलिस की जांच ने गति पकड़ी है। अब मुझे उम्मीद है कि पुलिस की मुस्तैदी जारी रहेगी। पुलिस जल्द मुझे न्याय दिलाएगी।

जानिए सुसाइड से पहले बनाए गए वीडियो में क्या है…

वीडियो में देव नारायण कह रहा है, ‘मैं देव नारायण विश्वकर्मा। यह धनी एप वालों ने मुझसे 1.93 हजार रुपए ट्रांसफर कराए हैं। लोन पास हुआ था तीन लाख रुपए का। अब कंपनी वाले रिप्लाई नहीं करते। मैंने जो रकम दी है, उसके तमाम प्रमाण मेरे वॉट्सएप में हैं। फोन पे हिस्ट्री में भी रकम ट्रांसफर करने के प्रमाण मिल जाएंगे। मैं मर रहा हूं… इन लोगों पर केस चलाओ। इन्हें गिरफ्तार करो। मेरा अनुरोध है कि इन लोगों पर केस लगाइए, कार्रवाई करिए मेरी मौत के बाद।

यह है था मामला

बैरसिया के बरखेड़ा बरामद गांव के रहने वाले 24 साल के देव नारायण विश्वकर्मा ने फांसी लगा ली थी। वह बटिया पर जमीन लेकर खेती किसानी का काम करता था। धनी एप वालों ने उससे 1.93 लाख रुपए की ठगी की थी। तीन लाख रुपए का लोन देने का झांसा देकर उसे फांसा गया था। प्रोसेसिंग फीस के और अन्य खर्चों के नाम पर कई बार में उससे यह रकम ली गई थी। बाद में उसे कॉल कर धमकाया जाने लगा था। साइबर जालसाजों की प्रताड़ना से तंग आकर बीती 31 जुलाई को देव नारायण विश्वकर्मा ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। आत्महत्या से पहले उसने वीडियाे बनाया था।