आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस मध्यप्रदेश में 110 से 130 सीटों पर पहली सूची 15 अक्टूबर को जारी करने जा रही है। अगले दो दिन नई दिल्ली में मैराथन बैठकें होंगी। सभी 230 सीट पर दो सूचियों में उम्मीदवारों के नाम तय करने की तैयारी है। पहली सूची 110 से 130 उम्मीदवारों की हो सकती है।
दूसरी सूची में शेष 80 सीट के प्रत्याशी होंगे। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ 77 साल के हो गए हैं, वे पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में है। यह उनका आखिरी दांव हो सकता है। वे छिंदवाड़ा से ही लड़ेंगे। दिमनी से विधायक रविंद्र सिंह तोमर के नाम पर चर्चा बाकी है।
कांग्रेस के वर्तमान में 96 विधायक हैं। इनमें से छह विधायकों को इस बार प्रत्याशी बनाए जाने पर संशय है।
आरिफ अकील: 71 साल के आरिफ अकील कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। बीमारी के कारण वे खुद चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। आरिफ अकील अपनी सीट (भोपाल उत्तर) पर बेटे आतिफ अकील को उतारना चाहते हैं। हालांकि, इस फैसले में आरिफ के भाई आमिर आडे़ आ रहे हैं। आमिर अपने भाई की सीट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।
टामलाल रघुजी सहारे: कटंगी सीट से विधायक टामलाल सहारे 76 साल के हो गए हैं। उन्होंने पार्टी को चुनाव न लड़ने की बात बता दी है। टामलाल 1993 में पहली बार विधायक बने। 1998 में दूसरी बार और 2018 में तीसरी बार विधायक बने थे।
अजब सिंह कुशवाह: मुरैना जिले की सुमावली सीट से मौजूदा विधायक अजब सिंह कुशवाह को न्यायालय से दो साल की सजा हो चुकी है। उनके खिलाफ रियल एस्टेट कारोबार में धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लग चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस अजब सिंह के बजाए नए चेहरे पर दांव लगा सकती है।
पांचीलाल मेडा: धार जिले की धरमपुरी सीट से विधायक पांचीलाल मेडा 2008 में पहली बार विधायक बने थे। दस साल बाद 2018 में वे फिर धरमपुरी सीट से विधायक बने। कांग्रेस के तमाम सर्वे में उनकी रिपोर्ट ठीक नहीं है। ऐसे में उनकी जगह किसी और चेहरे को उतारा जा सकता है।
शिवदयाल बागरी: पन्ना जिले की गुन्नौर सीट से पहली बार के विधायक शिवदयाल बागरी की रिपोर्ट सर्वे में अच्छी नहीं मिली। लिहाजा इस सीट पर बदलाव हो सकता है।
सुरेश राजे: ग्वालियर जिले की डबरा सीट से मौजूदा विधायक सुरेश राजे कई बार विवादों में आ चुके हैं। उनके कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में पार्टी इस सीट पर बदलाव कर सकती है।
झाबुआ से कांतिलाल बेटे विक्रांत को लड़ाना चाहते हैं चुनाव
झाबुआ सीट से वर्तमान विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते। कांतिलाल अपने बेटे विक्रांत को इस सीट से चुनाव लड़ाना चाहते हैं। विक्रांत वर्तमान में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इस सीट से विक्रांत का नाम लगभग तय माना जा रहा है।