सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सम्मेलन के अगले वक्ता वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट विनोद गुप्ता (प्रचलित नाम वीजी सर) रहे, जिन्होंने वित्त वर्ष 2026 के बजट संशोधनों और नए आयकर ढांचे से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। उनका सत्र पेशेवरों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और मार्गदर्शक साबित हुआ। उन्होंने असेसमेंट प्रक्रिया, नोटिस जारी करने की नई प्रणाली, अद्यतन एवं संशोधित रिटर्न तथा तलाशी एवं ज़ब्ती से संबंधित प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि नई कर व्यवस्था में फेसलेस असेसमेंट और डिजिटल नोटिस सिस्टम को और अधिक सशक्त बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। वीजी सर ने जोर देते हुए कहा कि स्व-घोषणा के माध्यम से सही आय दर्शाकर कर भुगतान करने पर दंडात्मक प्रावधान अपेक्षाकृत कम कठोर हैं, जबकि आय छुपाने या गलत रिपोर्टिंग करने पर कड़े दंड लागू होंगे। उन्होंने अद्यतन रिटर्न की समय-सीमा और अतिरिक्त कर संरचना को भी विस्तार से समझाया, जिससे करदाताओं को अनुपालन में आसानी होगी।

केंद्रीय बजट 2026 के संदर्भ में उन्होंने बताया कि असेसमेंट की समय-सीमा को तर्कसंगत बनाया गया है और डिजिटल ट्रैकिंग एवं डेटा एनालिटिक्स आधारित जांच को बढ़ावा दिया गया है। साथ ही, टैक्स बेस बढ़ाने के लिए रिपोर्टिंग मानदंड सख्त किए गए हैं और विवाद निवारण तंत्र को अधिक सरल और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बदलाव का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले यदि किसी व्यक्ति द्वारा खाते में जमा नकदी के स्रोत की जानकारी नहीं दी जाती थी, तो लगभग 86 प्रतिशत राशि टैक्स के रूप में कट जाती थी, लेकिन अब 1 अप्रैल से यह घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि अतिरिक्त पेनाल्टी और ब्याज को समाप्त किया गया है। साथ ही, कंपनी असेसमेंट में दस्तावेज़ पहचान संख्या (डीआईएन) को लेकर भी नियमों में लचीलापन लाया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक व्यवहारिक और सहज हो गई है। उन्होंने सभी पेशेवरों को समय पर और सही अनुपालन अपनाने तथा पारदर्शिता के साथ कार्य करने की सलाह दी।