ब्रिक्स कृषि सम्मेलन: ग्रामीण हाट में मध्यप्रदेश की कृषि-विरासत

सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंदौर में 13 जून तक चल रहे ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के तहत विदेशी प्रतिनिधियों ने इंदौर के प्रसिद्ध ग्रामीण हाट का भ्रमण किया। मेरा युवा भारत और कृषि विभाग के संयुक्त आयोजन में मेहमानों को मध्यप्रदेश की कृषि विविधता ओडीओपी उत्पादों और ग्रामीण उद्यमिता का जीवंत अनुभव किया।

मालवा की परंपरा के अनुसार पगड़ी पहनाकर और जनजातीय लोक नृत्य से स्वागत किया गया। कई प्रतिनिधि ढोल-मंजीरे की धुन पर झूमते हुए नृत्य दल में शामिल हो गए। हाट में बुरहानपुर के केले से बने चिप्स कुकीज़ और केले के रेशों के वस्त्र सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहे। रीवा के जीआई टैग सुंदरजा आम और बालाघाट के चिन्नौर चावल का स्वाद लेकर मेहमान अभिभूत हुए। झाबुआ की साठी मक्का दूध मोगर मक्का और मंडला की मिलेट क्वीन लहरी बाई द्वारा संरक्षित दुर्लभ श्रीअन्न किस्मों ने ब्रिक्स देशों के कृषि विशेषज्ञों का ध्यान खींचा। नीमच की औषधीय फसलें नरसिंहपुर के करेली गुड़ और छिंदवाड़ा के वन उत्पाद भी चर्चा में रहे।

वस्त्र-हस्तशिल्प सेक्शन में मृगनयनी के चंदेरी-महेश्वरी-कोसा वस्त्र बाघ प्रिंट और गोंड कला को सराहा गया। प्रकृत सिल्क के तसर-मलबरी सिल्क और हेम्प क्लोदिंग के कम पानी वाले टिकाऊ वस्त्रों में प्रतिनिधियों ने गहरी रुचि दिखाई। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण हाट को मध्यप्रदेश की कृषि समृद्धि और सतत विकास का उत्कृष्ट मंच बताया।

ब्रिक्स कृषि सम्मेलन: ग्रामीण हाट में मध्यप्रदेश की कृषि-विरासत
ब्रिक्स कृषि सम्मेलन: ग्रामीण हाट में मध्यप्रदेश की कृषि-विरासत

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