सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे अभिज्ञान पटेल ने शनिवार रात को भोपाल में रेस्त्रां संचालक दंपती से मारपीट और थाने में हंगामे के दौरान जो उत्पात मचाया था, वह मामला रविवार को भी छाया रहा। शनिवार देर रात मंत्री पुत्र पर गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कर लिया गया।

इधर, बेटे की गुंडागर्दी पर सीएम डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने पटेल को फटकार लगाई है।

मंत्री पुत्र अभिज्ञान के दोस्त की शिकायत पर रेस्त्रां संचालक दंपती और कुक के खिलाफ साधारण मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले बेटे को हिरासत में लेने की जानकारी मिलते ही थाने पहुंचे मंत्री पटेल भी आपा खो बैठे और अभद्र व्यवहार करते हुए पुलिसकर्मियों की वर्दी उतरवाने की धमकी तक दे डाली थी। दो घंटे बाद ही 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।

थाने पहुंचते ही भड़के मंत्री पटेल

दरअसल, घटना की जानकारी मिलते ही पटेल रात करीब 9:30 बजे समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे। तब उनके बेटे और रेस्त्रां संचालक दंपती को मेडिकल के लिए भेजा गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, थाने पहुंचते ही मंत्री पटेल भड़क गए। उनका कहना था कि मंत्री के बेटे के साथ पुलिस का यह व्यवहार है तो आम जनता के साथ क्या करती होगी? बेटे के साथ जिन लोगों ने मारपीट की है, उनके खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। उन पुलिस वालों को भी सस्पेंड किया जाए, जिन्होंने बेटे को बेरहमी से मारा है।

थाना प्रभारी केबिन में बुला रहे थे

थाना प्रभारी रघुनाथ सिंह उन्हें समझा रहे थे कि आप कमरे में अंदर तो आएं, लेकिन मंत्री ने कहा कि सीनियर अफसरों से ही बात करूंगा। मेरे बेटे को मारने की हिम्मत कैसे हुई? कुछ देर बाद एसीपी मयूर खंडेलवाल, एडि. डीसीपी रश्मि अग्रवाल दुबे, डीसीपी प्रियंका शुक्ला भी पहुंची तो मंत्री पटेल का गुस्सा शांत हुआ।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- ऐसी हरकतों से कड़े निर्णय लेने पड़ सकते हैं

बेटे अभिज्ञान नरेंद्र पटेल की गुंडागर्दी पर स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को प्रदेश भाजपा संगठन ने फटकार लगाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने मंत्री पटेल को फटकार लगाई है। उन्हें साफ कर दिया गया है कि चुनाव के वक्त इस तरह की हरकतों से पार्टी की छवि को नुकसान हो सकता है।

बताया जाता है कि बीती रात जब मंत्री थाने में थे उसी समय मुख्यमंत्री निवास से आए एक फोन के बाद वे अचानक वहां से रवाना हो गए थे। प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने तो उन्हें राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए कहा कि पहली बार विधायक बनने पर ही अब तक की छवि के आधार पर आपको मंत्री बनाया गया है, लेकिन ऐसी हरकतों से संगठन को कड़े निर्णय लेना पड़ सकते हैं। हितानंद शर्मा ने भी लगभग इन्हीं शब्दों में उन्हें फटकार लगाई है।