आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रदेश में अगस्त सितंबर सहित अगले दो महीने तक बैंकों से ट्रांजेक्शन हुई मोटी रकम की रिपोर्ट बैंकर्स को कलेक्टरों को देना होगी। यही नहीं, खरगोन समेत कई जिलों में बैंकों से कहा गया है कि बैंकर्स को पिछले दो महीनों में किसी बैंक खाते में असामान्य व संदेहास्पद लेन-देन, एक बैंक खाते से कई व्यक्तियों को राशि का ट्रांज़ेक्शन आदि की निगरानी करना है।

बैंकर्स की रिपोर्ट के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी इसकी जांच कराएंगे। मतदाताओं को प्रभावित करने की स्थिति सामने आने पर चुनाव आयोग को रिपोर्ट देंगे। यही नहीं, 10 लाख तक की राशि की एक साथ निकासी पर भी फोकस किया जाएगा।

चुनाव आयोग के निर्देश के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने कलेक्टरों को ऐसे मामलों की रिपोर्ट रोजाना भेजने के लिए कहा है। अब चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है, तो बैंकों की बैठक जिला स्तर पर लेकर आयोग की गाइडलाइन के आधार पर रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसमें कहा जा रहा है कि संदिग्ध स्थितियों को देखते हुए बैंकों को हर निकासी और जमा राशि की रिपोर्ट तैयार करना है। साथ ही, बैंकों से 50 हजार से अधिक संदिग्‍ध लेन-देन पर भी निगरानी रखी जाएगी।

किसी बैंक खाते से एक लाख से अधिक की राशि जमा होने पर बैंक द्वारा जिलों में बनाई गई व्‍यय निगरानी टीम को सूचित किया जाएगा। इसी प्रकार 10 लाख से अधिक का ट्राजेक्‍शन होने पर आयकर विभाग के अधिकारी को जानकारी देना जरूरी होगा। सभी संदेहास्‍पद लेनदेन एवं बल्‍क पेमेंट की दैनिक जानकारी सभी बैंकों द्वारा जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजी जाएगी।

दस लाख तक की निकासी की ऐसे होगी जांच

बैंकर्स से कहा गया है कि बैंकों से दस लाख रुपए या अधिक राशि निकालने वालों को भी निगरानी की सीमा में शामिल किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कलेक्टर ऐसे निकासी के मामले में अपने स्तर पर पड़ताल कराकर संयुक्त जांच दलों से कार्यवाही करा सकें। ऐसे लोगों के मूवमेंट पर भी कलेक्टरों के माध्यम से आयोग निगरानी कराएगा ताकि मतदाता प्रलोभन की स्थिति में एक्शन लिए जा सकें।

यह होगा फायदा

बैंकों से बड़ी रकम लेकर निकलने वालों के नम्बर प्रशासन को आसानी से मिल सकेंगे। इसके माध्यम से उनके ट्रांजेक्शन राजनीतिक दलों से संबद्ध होने पर जांच की जा सकेगी।

इसके माध्यम से आयोग यह पता कर सकेगा कि किस बैंक से सर्वाधिक ट्रांजेक्शन हो रहा है और उसके आधार पर ऐसे विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता वर्गों को चिन्हित किया जा सकेगा।

अगर कोई व्यक्ति अनधिकृत रूप से बड़ी रकम लेकर जा रहा है और उसके पास उपयोग के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं तो वह जांच टीम की पकड़ में आ सकेगा और ऐसी रकम की जब्ती की जा सकेगी।

वोटर्स को प्रभावित करने वाले क्षेत्र भी प्रशासन की जानकारी में आ जाएंगे और चुनाव प्रचार के दौरान ऐसे क्षेत्रों में वीडियो ग्राफी कराकर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की कार्रवाई की जा सकेगी।

सिर्फ एटीएम की राशि का ही परिवहन करेंगे वाहन

जिलों में सभी बैंकों के एटीएम की स्क्रीन पर जारी शासकीय योजनाओं के विज्ञापनों में आदर्श आचरण संहिता का पूर्णत: पालन किए जाने के लिए कहा गया है। इस संबंध में एटीएम का भौतिक सत्यापन कराने और रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है। एटीएम वाहनों द्वारा नक़दी परिवहन के अलावा कोई अन्य राशि का परिवहन नहीं हो, इस बात का विशेष ध्यान रखना है।

संयुक्त दल कर रहे जिलों में जांच

प्रदेश में 9 अक्टूबर से आचार संहिता लागू होते ही जिलों में गठित उड़नदस्ता दल (एफएसटी) एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई तेज कर दी है। संयुक्त टीम ने नगद राशि, अवैध शराब, मादक पदार्थ सहित अमूल्य धातु पर कार्रवाई कर एक करोड़ 81 लाख 97 हजार 930 रुपये कीमत का सामान जब्त किया है।

संयुक्त टीम ने एक दिन में रुपये 14 लाख 90 हजार 320 नगद जब्त किए है। साथ ही 13 लाख 50 हजार 405 रुपए की 5915.69 लीटर अवैध शराब, 22 लाख 68 हजार 910 रुपए के मादक पदार्थ, 85 लाख रुपए का सोना और 1 लाख 37 हजार 600 रुपए कीमत की विभिन्न सामग्रियां जब्त की गई है।

आबकारी विभाग ने प्रदेश भर में रुपए 10 लाख 67 हजार 495 कीमत की 3999 लीटर अवैध शराब और रुपये 33 लाख 83 हजार 200 मात्र के महुआ लहान पर भी कार्रवाई की है।