सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: केन्द्रीय हिंदी निदेशालय नई दिल्ली एवं अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में 12 अक्टूबर 2023 तक आयोजित हिंदी भाषा का आधुनिकीकरण और विस्तार विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी के का शुभारंभ हुआ।

उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के कुलपति खेमसिंह डहेरिया रहें, मुख्य अतिथि सुनील बाबूराव कुलकर्णी. निदेशक केन्द्रीय हिंदी संस्थान आगरा एवं नई दिल्ली रहें। इस सत्र के विशिष्ट अतिथि सुनील गुप्ता कुलपति, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल एवं अखिलेश पाण्डे, कुलपति, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, मुकेश मिश्रा निदेशक दन्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान भोपाल रहे।

माँ सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत हुई। इस अवसर पर प्रो. ललिता एन. द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन किया गया। उद्घाटन सत्र में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय एवं राजीव गांधी प्रौद्योगिकी वि.वि. और विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के बीच एमओयू किया गया जिससे दोनों विश्वविद्यालय के बीच ज्ञान – विज्ञान एवं संसाधनों के आदान-प्रदान करने पर सहमति बनी।

विशिष्ट अतिथि सुनील गुप्ता, कुलपति, राजीव गांधी वि.वि. भोपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी भाषा के आधुनिकीकरण का अर्थ है कि इसमें अन्य नवीन खोजों से सम्बंधित विषयों को सहजता से समाहित किया जा सकता है या नहीं। उन्होंने मप्र में चिकित्सा शिक्षा को हिंदी भाषा के विस्तार से जोड़ा और कहा कि जब भाषा का विस्तार होता है। तब इसका आधुनिकीकरण होता है इस प्रकार दोनों प्रक्रियाएं आपस में जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इस बात से खेद होता है कि जब हम हिंदी के आधुनिकीकरण पर काम करते हैं तो अंग्रेजी के शब्दों के मोह को छोड़ नही पाते है। उन्होने बताया कि जब से हमने अपने नवाचारों में अंग्रेजी को प्राथमिकता देना शुरू किया है तब से, नवाचारों की गति बहुत धीमी हो गयी।

क्योंकि मूलतः हिंदी मातृभूमि होने से हम पहले इसे अपने अन्तःकरण में हिंदी में आनुवाद करते है। जिससे समय अधिक लग जाता है। इसलिए शोध एवं अन्वेषण के लिए हमें अपनी मातृभाषा को प्रमुखता देना चाहिए। इसलिए हमें अपने व्यवसाय शिक्षा आदि की भाषा हिंदी को ही बनाये रखना चाहिए, क्योंकि जिस भाषा में हम व्यवसाय करतें है। उस भाषा का विस्तार अंत्यत तीव्रबति से होता है। मुख्य अतिथि प्रो. सुनील बाबूराव कुलकर्णी, निदेशक केन्द्रीय हिंदी संस्थान आगरा एवं केन्द्रीय हिंदी संस्थान आगरा एवं केन्द्रीय हिंदी निदेशालय नई दिल्ली ने अपने वक्तव्य में कहा कि समसामयिक समय में हिंदी भाषा से जुड़े सरोकारों और विषयों से विद्यार्थियों व समाज को परिचित कराने के लिए इस प्रकार के आयोजनों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। भाषा पर निरंतर विचार-मंथन होते रहना आवश्यक है |