सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: मुंबई। फिल्म ‘रामायण’ के गीत ‘मंगल रंग’ को लेकर सोशल मीडिया पर जारी बहस के बीच गायक अरमान मलिक ने अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि इस बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद खास था, लेकिन गीत की रिकॉर्डिंग के दौरान कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। अरमान ने ए.आर. रहमान के संगीत निर्देशन में तैयार इस गीत के कन्नड़ संस्करण ‘मंगला संगमा’ को अपनी आवाज दी है।

अरमान के मुताबिक, उन्हें रिकॉर्डिंग का प्रस्ताव बेहद कम समय पहले मिला था। वह लंदन जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी रहमान की टीम ने उनसे कन्नड़ गीत की डबिंग करने का अनुरोध किया। शुरुआत में उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि यह गीत फिल्म ‘रामायण’ के लिए है। मुंबई में फ्लाइट से पहले ही रिकॉर्डिंग पूरी करनी थी, इसलिए उनके पास तैयारी के लिए बहुत कम समय था।

गायक ने बताया कि रिकॉर्डिंग के दौरान जब उन्हें पता चला कि गीत भगवान राम और माता सीता की कहानी पर आधारित फिल्म का हिस्सा है, तो इसकी जिम्मेदारी का एहसास और बढ़ गया। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती भगवान राम के शांत और सौम्य व्यक्तित्व को अपनी आवाज में उतारने की थी। गीत में ऊंचे सुर होने के बावजूद उन्हें गायकी में संयम और शांति बनाए रखनी थी।

अरमान ने कहा कि ए.आर. रहमान का उन पर भरोसा उनके लिए सबसे बड़ी प्रशंसा है। उन्होंने कन्नड़ भाषा की टीम और गायिका बेला शेंडे का भी आभार जताया।

गौरतलब है कि ‘मंगल रंग’ के संगीत को लेकर कुछ दर्शकों ने इसकी शैली पर सवाल उठाए हैं और इसे कव्वाली से प्रभावित बताया है। वहीं अरमान मलिक ने अपने अनुभव में रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया और संगीतकार के भरोसे को विशेष महत्व दिया है।


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