सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल एम्स भोपाल में विश्व गठिया दिवस मनाया गया। इसका आयोजन गठिया एवं अन्य संबंधित रोगों (आरएमडी) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया। इस वर्ष की थीम है “जीवन के सभी चरणों में आरएमडी के साथ रहना”। यह कार्यक्रम एम्स, भोपाल के मेडिसिन, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) और ऑर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम्स, भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह ने जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गठिया रोग का बेहतर इलाज संभव है। अजय सिंह ने कहा कि हमें इस गलत धारणा को दूर करना होगा कि गठिया उम्र बढ़ने की वजह से होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह बच्चों सहित सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। सही समय पर सही उपचार से गठिया को वास्तव में ठीक किया जा सकता है। केवल एक छोटा सा प्रतिशत, लगभग 10-15% रोगियों को ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन कई लोग उचित देखभाल और उपचार के माध्यम से अपने जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार कर सकते हैं।

गठिया के उपचार में आयुष को भी शामिल करना चाहिए।
अजय सिंह ने गठिया के प्रबंधन में जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका की भी चर्चा की। उन्होंने लोगों से जीवनशैली में बदलाव को अपनी उपचार योजनाओं का अभिन्न अंग मानने का आग्रह किया। ये परिवर्तन बेहतर दर्द प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। शीघ्र ही एम्स, भोपाल गठिया और मस्कुलोस्केलेटल रोगों के रोगियों को व्यापक देखभाल और इलाज के लिए एक समर्पित रुमेटोलॉजी इकाई भी स्थापित करने की योजना बना रहा है।

सम्मानित अतिथियों का स्वागत करते हुए वी.के. मिश्रा ने गठिया और इसके उपचार के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर हस्तक्षेप और उपचार मरीजों के तेजी से ठीक होने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्व गठिया दिवस के कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों और रोगियों ने भाग लिया।