सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल में “दंत चिकित्सा में प्राथमिक देखभाल” विषय पर केंद्रित दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर एम्स, भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह मुख्य अतिथि के रुप में और भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में मुख्य लेखा नियंत्रक (सीसीए) कविथा गोट्रु विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे।
उद्घाटन सत्र के दौरान अपने संबोधन में अजय सिंह ने समग्र स्वास्थ्य देखभाल में दंत चिकित्सा की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। सिंह ने ओरल हेल्थ देखभाल के लिए स्कूलों और आदिवासी क्षेत्रों को शामिल करने के लिए आउटरीच गतिविधियों के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने दंत चिकित्सा में जल्द से जल्द स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए ठोस प्रयास करने का आवाह्न किया। सिंह ने दंत चिकित्सा के क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए पारंपरिक और आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के बीच संभावित तालमेल पर जोर देते हुए आयुष के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में मुख्य लेखा नियंत्रक (सीसीए) कविथा गोट्रु ने विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के दंत विशेषज्ञों को ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए एम्स, भोपाल की सराहना की। गोट्रु ने ज्ञान और अनुभवों के निर्बाध आदान-प्रदान की सराहना की, दंत चिकित्सकों के कौशल को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की इसकी क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने दांतो की कैविटी की रोकथाम के लिए आहार परामर्श दिशानिर्देश का विमोचन करने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की, जो ओरल हेल्थ देखभाल के क्षेत्र में एक आवश्यक योगदान है।
एम्स, भोपाल में दंत चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख और आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. पंकज गोयल ने सम्मेलन के उद्देश्यों और मुख्य बिंदुओं पर एक विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस सम्मेलन में राज्य चिकित्सा अधिकारियों, छात्रों और विभिन्न डेंटल कॉलेजों के संकाय सदस्यों सहित दो सौ से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। उन्होंने सम्मानित सभा को यह भी बताया कि बहुत जल्द एम्स, भोपाल कोन-बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीबीसीटी) शुरू करेगा जिसके परिणामस्वरूप दंत उपचार के लिए अधिक प्रभावी और सही समाधान मिलेगा।यह सुविधा केवल कुछ अस्पतालों में ही मिल पाती है।