सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 133वीं भीम जयंती संयुक्त महाउत्सव समारोह के रुप में रविवार को बुद्धभूमि महाविहार मोनेस्ट्री, चुनाभट्टी ,कोलार रोड भोपाल में मनाई गई। इस अवसर पर 133 किलो का केक काटा गया। इस अवसर पर 133 किलो का विशाल केक काट कर बाबासाहेब के प्रति अभिवादन कर कृतज्ञता व्यक्त की गई। साथ ही 55 विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों और वरिष्ठ समाजसेवियों को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक गौरव सम्मान देकर गौरवान्वित किया गया।
बौद्ध धम्मगुरु पूज्य थिक थुई थौंग ने कहा- कि विश्व धरोहर के रूप में पहचान रखने वाले भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर के विचार और आदर्श आज भी समस्त देशवासियों को मूलभूत अधिकारों के साथ एक नई शक्ति और ऊर्जा देते हैं। डॉ आंबेडकर के संघर्षमय जीवन राष्ट्र के प्रति उनकी कर्मठता ,त्याग और समर्पण ने उन्हें महापुरुषों की भूमिका में प्रथम स्थान दिया है। हमारे देश में कुछ ऐसे महापुरुष और मार्गदर्शक पैदा हुए हैं, जो अपने समय से आगे की सोच रखते थे। महानायक भीमराव आंबेडकर भी ऐसे ही दूरदर्शी मनीषियों में से थे। वर्तमान समय में आंबेडकर की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। उनके विचार और भी मानी खेज हो गए हैं।
आज बाबा साहेब सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रासंगिक हैं। अमेरिका ने उन्हें ‘सिम्बल ऑफ नॉलेज’ तो बहुत पहले ही मान लिया था। हाल ही उनकी एक भव्य मूर्ति की भी स्थापना की, जिसे ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी’ कहा गया है।
इस मौके पर भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो और विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं द्वारा “समानता ओर ज्ञान दिवस” के रूप मे समारोह का आयोजन करने के लिए सभी बहुजन समाज को साधुवाद प्रदान किया गया। साथ ही भीम जयंती संयुक्त महाउत्सव समारोह समिति के अध्यक्ष जी पी मेहरा ने की और कार्यक्रम का संचालन माधो सिंह अहिरवार ने किया।
बुद्धभूमि धम्मदूत संघ के संयोजन में अहिरवार समाज संघ ,दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की ) ,जागड़ा समाज संघ ,अखिल भारतीय मेहरा समाज महासंघ ,म प्र सर्व जाटव संघ ,ऑल इंडिया एससी/एसटी एसोसिएशन, अखिल भारतीय बलाई समाज महासंघ, बहुजन सोशल फ्रंट, अपेक्स राष्ट्रीय बौद्ध महासभा,अखिल भारतीय मेहरा महासंघ, मेहर गडवाल समाज कल्याण परिषद्, बहुरि अकेला कैफ़े मैक डांस कल्चरल संस्थान ,महार समाज संघटन एवं सैकड़ों धार्मिक और सामाजिक समाज सेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन “समानता ओर ज्ञान दिवस” के रूप में मनाया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सम्बुद्धा ग्लोबल फाउंडेशन नागपुर के अध्यक्ष, बौद्ध धम्मगुरु पूज्य थिक थुई थौंग, मुख्य अतिथि पूर्व आयुक्त सभाजीत यादव, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी और मेयर मालती राय ने किया। इस अवसर पर ननि अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, सेवानिवृत्त आईएएस आर आर गंगवारकर, पूर्व प्रमुख अभियंता पीएचई विभाग इंजी चैतन्य संकुले,अध्यक्ष एएमयू ओल्ड बॉयज़ ऑर्गनाइजेशन,आज़म अली खान, डॉ.(मेजर) मनोज राजे, ऑनर -बहुरि अकेला कैफे & रेस्ट्रोरेन्ट, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अपेक्स बैंक इंजी ए पी पटेल सहि विभिन्न सम्मानित गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए ।
इस समारोह में “एम डब्लू अंसारी, पूर्व डीआईजी, छत्तीसगढ़ के द्वारा उर्दू से अंग्रेजी अनुवाद ,इस पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण “मौलवी अली हुसैन असीम बिहारी” (मुस्लिम भाईचारा और सद्भावना के प्रचारक और दलित मुसलमानों के मसीहा) पुस्तक का विमोचन किया गया। और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में भीम गीत को समाज की होनहार उत्कृष्ट गायिका “आकृति मेहरा एव राजू राव” ने आवाज़ दी I इस गीत में बाबा साहेब के संघर्षों की गाथा के साथ ही उनकी कामयाबी को रेखांकित किया गया है, इस गीत का विमोचन किया गया और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के जीवन दर्शन पर “संविधान नृत्य नाटिका” ओर आंबेडकर की जीवन यात्रा पर “मैं बाबासाहेब बोलतोय” नृत्य नाटक की भव्य प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
पूर्व आयुक्त सभाजीत यादव ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर समानता को लेकर काफी प्रतिबद्ध थे। उनका मानना था कि समानता का अधिकार धर्म और जाति से ऊपर होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना किसी भी समाज की प्रथम और अंतिम नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। अगर समाज इस दायित्व का निर्वहन नहीं कर सके तो उसे बदल देना चाहिए। आगे उन्होंने कहा समाज में यह बदलाव सहज नहीं होता है, इसके लिए कई पद्धतियों को अपनाना पड़ता है। आज जब विश्व एक तरफ आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ विश्व में असमानता की घटनाएं भी देखने को मिल रही हैं। इसमें कोई दो राय नही है कि असमानता प्राकृतिक है, जिसके चलते व्यक्ति रंग, रूप, लम्बाई तथा बुद्धिमता आदि में एक-दूसरे से भिन्न होता है। लेकिन समस्या मानव द्वारा बनायी गई असमानता से है, जिसके तहत एक वर्ग, रंग व जाति का व्यक्ति अपने आप को अन्य से श्रेष्ठ समझ संसाधनों पर अपना अधिकार जमाता है।
इस अवसर पर भंते राहुलपुत्र, भंते सुमेधपुत्र, हांजी मोहम्मद हारुन ,अध्यक्ष – जमीअत उलमा , पंडित महेंद्र शर्मा, अनिल सिरवैया, अध्यक्ष – दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की),दिनेश खासरिया ,महासचिव – एस बी आई एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ, भोपाल, डॉ.एम.एल. अहिरवार (चिकित्सा विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय रायसेन), निदेशक – प्रमुख – लार्ड बुद्ध अस्पताल, राजेंद्र प्रसाद, वरिष्ठ चिंतक पूर्व संचालक, स्कूल शिक्षा भोपाल, डॉ. प्रवीण रंगारी, मेडिकल ऑफिसर- शा. शाकिर अली खान गैस राहत हॉस्पिटल, भोपाल नरेन्द्र पी. घुगे , सचिव – एल आई सी ऑफ इंडिया, भोपाल, प्रो. डॉ. पीयूदेव महंत, हेड-रेडियोलॉजी विभाग, आरकेडीएफ मेडिकल कालेज, प्रो.डॉ.एस. के. सदावर्ते हेड – फिजियोलॉजी विभाग, पीपुल्स कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस, इंजी. एच एन गोलाईत वरिष्ठ समाज सेवी, भोपाल, विजय आथनकर, संयुक्त संचालक, लोकायुक्त विभाग ,डॉ. राजेश लोणारे, संचालक ओजस हॉस्पिटल, भोपाल वंदना मुलताईकर, रामस्वरूप निमोरे, राजेश कुमार अहिरवार, प्रताप चंद्र जाटव, संदीप वकोड़े, चंद्रभान वासनिक, एस एस निम्बलकर, श्यामलाल रामटेके, राजकुमार जठाव, प्रकाश जठाव ,सुन्दरलाल वर्मा, चंद्रप्रकाश गोलाईत, रामप्रसाद सीलोरिया, स्वाति आशा, संघमित्रा ताईवादे, राजेंद्र प्रसाद, बीड़ी अहिरवार, अमर सिंह चौधरी, एल एल अहिरवार, संजय गजभिए, संदीप वाकोड़े, धनंजय जंभुलकर, ज्ञानेश्वर पाटिल, सुखदेव वाकोड़े, वैशाली मानहर, सुनीता सेजवाल, सुशीला गजभिए, साधना भारती, रेखा मेश्राम , प्रेमलता सिरोलिया मौजूद रहे।