सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: एम्स भोपाल और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान, सीहोर अब मानसिक रोगियों के पुनर्वास के लिए मिलकर करेंगे। इस आशय के एक समझौता ज्ञापन पर आज एम्स भोपाल में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह ने कहा कि हम आमतौर पर मानसिक स्वास्थ्य की चर्चा करते ही नहीं है। उन्होंने कहा कि हम मानसिक रोगियों का इलाज अवश्य करते हैं किंतु उसके बाद उनके पुनर्वास की ओर ध्यान नहीं देते हैं।

आज सबसे बड़ी आवश्यकता इस बात की है कि हमें उनके अंदर व्यावसायिक कुशलता को बढ़ाना होगा जिससे कि वह समाज में एक सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। इसके लिए मरीज और उसके परिवार के सदस्यों को भी समझाना होगा कि मानसिक बीमारी को भी अन्य बीमारियों की तरह ठीक किया जा सकता है। इससे पूर्व एम्स भोपाल के मनोरोग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर विजेंद्र सिंह ने कहा कि इलाज के बाद मरीज को सबसे ज्यादा देखभाल की आवश्यकता पड़ती है।

जिसमें पुनर्वास की एक महत्वपूर्ण भूमिका है और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान, सीहोर के द्वारा ऐसे मरीजों को न केवल सलाह दी जाएगी बल्कि पुनर्वास के लिए उन्हें प्रशिक्षण देकर सक्षम भी बनाया जाएगा। इस समझौता ज्ञापन के पश्चात एम्स भोपाल से मरीजों को सीहोर स्थित इस संस्थान में रेफर भी कर सकते हैं जिससे कि उनका पुनर्वास भली भांति किया जा सके। इस समझौता ज्ञापन पर एम्स भोपाल की ओर से उपनिदेशक (प्रशासन) कर्नल अजीत कुमार ने जबकि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान, सीहोर की ओर से उप रजिस्ट्रार नरेंद्र कुमार ने हस्ताक्षर किए। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान अपने आप में देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जहां पर मानसिक स्वास्थ्य रोगियों के पुनर्वास हेतु प्रयास किए जाते हैं ताकि वह स्वस्थ हो कर समाज में एक बेहतर जीवन व्यतीत कर सके ।