आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / लखनऊ : जन उद्घोष सेवा संस्थान द्वारा राजाजीपुरम लखनऊ में संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं ज्ञानवापी तथा भोजशाला प्रकरण के वादी कुलदीप तिवारी के नेतृत्व में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें समाज के प्रबुद्ध जन एवं अनेक सनातनी संगठनों के प्रमुख उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में वाराणसी ज्ञानवापी प्रकरण की वैधानिक प्रक्रिया एवं आगे की रणनीति पर चर्चा हुई साथ ही साथ भोजशाला मध्यप्रदेश प्रकरण में संस्थान की तरफ से इंदौर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत वाद पर भी परिचर्चा हुई।अयोध्या, काशी, मथुरा और भोजशाला प्रकरण से संबंधित जन जागरण हेतु आगामी दिनांक 29 अक्टूबर 2023 को लखनऊ में प्रस्तावित ज्ञानवापी मंदिर मॉडल तथा ज्ञानवापी एवं भोजशाला से जुड़े प्रतीक चिन्हों की प्रदर्शनी एवं वृहद बौद्धिक समागम की तैयारियों पर व्यापक चर्चा हुई। उक्त बौद्धिक समागम में पूरे देश के अलग अलग क्षेत्रों से महानुभावों का आगमन सुनिश्चित है।
कुलदीप तिवारी ने कहा कि हमारे चारों प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों के साथ साथ पूरे भारत में लाखों मंदिर हैं जिन पर गैर संवैधानिक तरीके से कब्जा अथवा अतिक्रमण किया गया है। उपस्थित जनों को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया गया और सनातन धर्म पर हो रहे लगातार प्रहारों का उत्तर कैसे दिया जाए संस्थान इस विषय को एक बड़े जन आंदोलन का रूप देकर वैधानिक एवं सामाजिक लड़ाई लड़ने के लिए आवश्यकता पड़ने पर सड़क पर उतरने का भी संकल्प लिया।
स्टैलिन, स्वामी प्रसाद मौर्य, ए राजा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे जैसों द्वारा गलत बयान बाजी और राष्ट्रविरोधी ताकतों की भर्त्सना की गई। उपस्थित सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में आवाह्न का स्वागत किया और समर्थन देने का विश्वास दिलाया। उक्त बैठक देर शाम तक चली।
उक्त बैठक में ज्ञानवापी, मथुरा एवं भोजशाला प्रकरण की सहवादी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री सहित धीरज शंकर सक्सेना, रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के पूर्व चेयरमैन सुधाकर त्रिपाठी, अजय पांडेय, अनिल मोहन त्रिपाठी, सुनील शुक्ला, गजेंद्र त्रिपाठी, संजय मिश्रा, राकेश मोहन मिश्र एवं सुनील मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।