आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वंदना श्राेती

लिंक रोड-3, गुलमोहर, कोलार और बैरागढ़ स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विवि सेंटरों में नवरात्र की हर साल की परंपरा कायम

शाम 6:30 बजे से रात 10 बजे तक विराज रहीं ब्रह्माकुमारियां​​​​​​​​​​​​​​

शारदीय नवरात्र में शहर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विवि सेंटरों में बुधवार से चैतन्य देवियां विराजी हैं। लिंक रोड नंबर-3, गुलमोहर, कोलार रोड और बैरागढ़ स्थित सेंटरों में शाम 6:30 से रात 10 बजे तक रोज दर्शन देंगी। यहां माता दुर्गा, माता कालका, माता सरस्वती, माता ज्ञानगंगा, माता लक्ष्मी के रूप में नजर आ रही हैं ।

ये बहनें करीब साढ़े तीन घंटे तक विभिन्न मुद्राओं में बैठती हैं। इसलिए एक महीने पहले से चैतन्य बनने वाली ब्रह्माकुमारियां तड़के 4 बजे से सुबह 10 बजे तक (छह घंटे) योग और ध्यान कर रही हैं। इन सभी को ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़े 25 साल तक हो चुके हैं।

मेडिटेशन से मिलती है शक्ति… राजयोग सेंटर भाेपाल जाेनल की बीके अभिलाष ने बताया कि वे चैतन्य देवी के रूप में दुर्गा का रूप रखती हैं। इस समय सकारात्मक ऊर्जा व ईश्वरीय शक्ति प्राप्त करने के लिए हर दिन 4 से 6 घंटे योग व मेडिटेशन कर रही हैं। गुलमोहर ब्लेसिंग हाउस ब्रह्माकुमारी की संस्था प्रमुख बीके रीना ने बताया कि रोज होने वाली मुरली हर दिन नया संदेश देकर जीवन जीने की राह दिखाती है।

चैतन्य देवियों के चयन का आधार… प्रजापिता विवि के प्रवक्ता सुरेश भाई ने बताया कि नौ चैतन्य देवियाें के रूप में विराजमान होने वाली सभी देवियों का आध्यात्मिक अनुभव 10 साल से ऊपर का होना चाहिए। नौ देवियों में एक देवी सफेद वस्त्र में शिव के साथ हैं जो पार्वती का समर्पण भाव का प्रतीक हैं।

ये बैठेंगी चैतन्य रूप में

लिंक रोड़ नंबर-3 की झांकी: बीके अभिलाषा, ममता, बीके सरिता, बीके संगीता, बीके मोनिका, बीके सिमरन, बीके भावना, बीके शोभा, बीके आकृति

गुलमोहर ब्लेसिंग हाउस पंडाल: बीके कुंती, बीके राशि, बीके ऋचा, बीके काजल, बीके पूजा, बीके शीतल, बीके खुशी, बीके आरती, बीके योगिता, बीके राधा।

होती है आध्यात्मिक अनुभूति

ब्रह्माकुमारी काजल ने बताया कि वे गुलमोहर में दुर्गा का रूप रख रही हैं। ब्रह्माकुमारी सरिता का कहना है कि वे 15 साल की उम्र से चैतन्य देवी के रूप में झांकी में बैठतीं आ रही हैं। इन नौ दिन में राध्यात्मिक अनुभूति होती है।