सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्यप्रदेश के 2 बड़े शहर भोपाल और इंदौर में मेट्रो 80Km प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेगी। भोपाल में इस रफ्तार से ट्रायल भी हो रहा है। इस स्पीड में ट्रायल में कामयाबी मिलने के बाद अब दिल्ली से कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी को डॉक्यूमेंट सबमिट करने की प्रोसेस भी शुरू कर दी गई है। जैसे ही ये डॉक्यूमेंट्स सबमिट होंगे, दिल्ली से टीम भोपाल पहुंचेंगी और ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखेगी। CMRS के ‘ओके’ के बाद ही कमर्शियल रन शुरू होगा।

बता दें कि 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार ट्रायल रन किया जा रहा है। हाल ही में मेट्रो सबसे ज्यादा स्पीड 80Km प्रति घंटे से दौड़ी। इतनी ही स्पीड में कमर्शियल रन भी होगा। हालांकि, इससे पहले सुरक्षा के तमाम पैमाने जांचें जाएंगे। जिसे सीएमआरएस टीम ही जांचेंगी।

ये देखेगी सीएमआरएस टीम

भोपाल में सुभाष नगर से आरकेएमपी तक ट्रैक, बिजली लाइन समेत वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो मेट्रो को दौड़ाने के पैमाने होते हैं। इसीलिए लगातार तेज स्पीड में ट्रायल रन किया जा रहा है, जबकि कमर्शियल रन यानी, आम जनता के लिए इस साल के आखिरी या फिर वर्ष 2025 में मेट्रो दौड़ने लगेंगी। मेट्रो कापोर्रेशन के अफसरों का कहना है कि कमर्शियल रन से पहले सुरक्षा के लिहाज से कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम जांच करती है। जिसमें वह ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए अब टीम को भोपाल बुलाएंगे।

सबकुछ ठीक मिला तो ‘ओके’ रिपोर्ट देगी टीम

निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम ‘ओके’ रिपोर्ट देगी। इसके बाद कमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी।

अभी 5 स्टेशनों पर ट्रायल रन

भोपाल के सुभाष नगर से रानी कमलापति (RKMP) के बीच मेट्रो कोच को ट्रैक पर दौड़ाकर ट्रायल रन किया जा रहा है। ट्रायल रन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 80Km प्रतिघंटा रफ्तार रहेगी।

3 कोच की एक ट्रेन, 3000 किमी दौड़ेंगे

मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, भोपाल में अब तक 3-3 कोच की 5 ट्रेन आ चुकी हैं। प्रायोरिटी कॉरिडोर में इतनी ही ट्रेन जरूरी है। ट्रैक पर स्पीड टेस्टिंग पूरी होने के बाद अब हर ट्रेन को 3 हजार किलोमीटर दौड़ा रहे हैं। भविष्य में रफ्तार 90 किलोमीटर प्रतिघंटा भी रह सकती है।

साल के आखिरी में आम लोगों के लिए दौड़ सकती है मेट्रो

अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन होने के बाद कहा जा रहा था कि मई-जून में कमर्शियल रन भी हो जाएगा, लेकिन अभी ट्रैक और स्टेशनों पर काफी काम बाकी है। 6.22 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। इसमें से सुभाषनगर से आरकेएमपी तक 5 स्टेशन भी शामिल हैं। इसके बाद डीएमआर ऑफिस, अलकापुरी और एम्स के बीच ट्रैक पर काफी काम बाकी है। वहीं, तीनों स्टेशनों का आधा काम ही बाकी है। अन्य 5 स्टेशनों पर भी इंटीरियर समेत अन्य काम बाकी है। ऐसे में अब मेट्रो साल के आखिरी में या फिर अगले साल ही आम लोगों के लिए दौड़ेगी। इससे पहले दिल्ली से टीम आएगी। टीम के निरीक्षण और ‘ओके’ के बाद ही कमर्शियल रन शुरू हो सकेगा।