आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल नगर निगम सीमा से 25 किलोमीटर के दायरे में कुल 112 सिटी बसें दौड़ती हैं। इनमें सबसे ज्यादा 46 बसें इंडस्ट्रियल एरिया मंडीदीप तक चलाई जाती हैं। सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाला रूट भी यही है। एक दिन में एवरेज 40 हजार लोग बसों में सफर करते हैं, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन बसों के संचालन पर संकट खड़ा हो गया है। इस फैसले को लेकर बस ऑपरेटर्स और विभाग भी हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने के मूड में है। ताकि स्टे मिल सके।
बता दें कि जबलपुर हाईकोर्ट ने अमृत योजना के तहत संचालित सिटी (मेट्रो) बसों का संचालन नगर निगम सीमा के बाहर नहीं करने का फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य शासन के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें नगर निगम सीमा के बाहर 25 किलोमीटर के दायरे में सिटी बस संचालन की अनुमति दी गई थी।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिस योजना के तहत उक्त आदेश जारी किया गया था, उसका गजट नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 99 के तहत योजना का गजट नोटिफिकेशन जरूरी है।
2 साल पहले सीएम शिवराज ने की थी घोषणा
2 साल पहले 24 अगस्त 2021 भोपाल में नई बसों को हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नगर निगम सीमा से बाहर 25Km के दायरे में सिटी बसें चलाने की घोषणा की थी। इसके बाद कान्हासैया, हिनोतिया, बगरोदा, रातीबड़, सूखी सेवनिया, फंदा, परवलिया, ईंटखेड़ी, अचारपुरा, नयापुरा, बड़झिरी आदि रूट का चयन करते हुए तत्कालीन कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अधिसूचित यानी गजट नोटिफिकेशन करने का अनुरोध किया था। प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था, लेकिन गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ।
स्टे की तैयारी में जुटे बस ऑपरेटर्स
हाईकोर्ट ने गुरुवार को सिटी बसों को लेकर अपना फैसला सुनाया है। इस फैसले को लेकर भोपाल में बस ऑपरेट करने वाली एजेंसियां स्टे लाने की तैयारी में है। इसे लेकर कानूनी रूप से सलाह भी ली जा रही है।
शुक्रवार को दौड़ी बसें, शनिवार को लेकर स्पष्ट नहीं
शुक्रवार को बसें नियमित रूप से ही अपने रूट पर दौड़ती रही, लेकिन शनिवार को बसों के संचालन को लेकर बीसीएलएल के अफसर भी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं।
बसें नहीं चलने से मुसाफिरों की बढ़ेंगी मुश्किलें
मंडीदीप समेत कई रूट ऐसे हैं, जहां से बड़ी संख्या में मुसाफिर शहर में आना-जाना करते हैं। अकेले मंडीदीप से ही नौकरीपेशा, इंडस्ट्रियल में काम करने वाले, छात्र-छात्राएं आदि को मिलाकर एक दिन में एवरेज 40 हजार लोग शहर में आते हैं। बसों का संचालन बंद होने से मुसाफिरों की मुश्किलें बढ़ सकती है, क्योंकि सिटी बसों के नहीं चलने से प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की मोनोपाली हावी हो जाएगी। अभी एमपी नगर से मंडीदीप सिटी बस में 30 रुपए किराया लगता है, जबकि इनके बंद होने से किराया बढ़ सकता है। मंडीदीप में सिटी बसें शुरुआत से ही चल रही है। गांधीनगर से मंडीदीप तक 26 और चिरायु हॉस्पिटल से मंडीदीप तक 16 बसें चलाई जाती है।
भोपाल में हर रोज डेढ़ लाख लोग करते हैं सफर
भोपाल में कुल 24 रूट पर 368 सिटी बसें दौड़ती हैं। टैक्स के मुद्दे पर कुछ बसों को तय स्थान तक नहीं ले जाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सिटी बसों में एक दिन में एवरेज डेढ़ लाख लोग सफर करते हैं। अधिकतम किराया 45 रुपए तक है।