आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सभासदों, माननीय अध्यक्ष सदस्य कृपया सदन की गरिमा बनाए रखें अध्यक्ष महोदय हमारी आवाज़ को दबाया जा रहा है. जी तोड़ मेहनत करने वाला किसान खुद ही टमाटर के बढ़ते दाम तले दबा जा रहा है. मंत्री जी जवाब दें कुछ इसी तरह के वाक्यांशों से रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय का शारदा सभागार गुंजायमान था। जहां भारतीय संसद के निचले परंतु सबसे महत्वपूर्ण सदन लोकसभा की कार्रवाई का मंचन भोपाल जिले की विभिन्न संस्थाओं से आए विद्यार्थी कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल के विधि संस्थान, मानविकी एवं उदार कला संकाय तथा राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें भोपाल की चुनिंदा छः टीमों ने हिस्सा लिया। मजेदार बात यह है कि सहभागी छात्र छात्राओं ने वर्तमान में प्रासंगिक उन मुद्दों को भी युवा संसद में उठाया जिन पर भारतीय संसद में अभी तक चर्चा नहीं हुई है। साथ ही समान नागरिक संहिता विधेयक, मणिपुर हिंसा, एक देश एक चुनाव, सूचना का अधिकार इत्यादि जैसे मुद्दों पर भी युवा संसद में गर्मागर्म बहस हुई। इस अवसर पर युवा संसद प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि मप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने सभी युवा प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत ही खुशी की बात है कि युवा संसद के माध्यम से युवा हमारे देश की संसदीय प्रक्रियाओं से अवगत हो रहे हैं। वास्तव में लोकसभा या विधानसभा की कार्रवाई के रूप में संसदीय प्रक्रियाएं लोकतंत्र का आधार स्तंभ होती हैं। युवाओं को उन प्रक्रियाओं से जोड़ने का मतलब होता है लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करना, यह मजबूत लोकतंत्र की निशानी है। आज इस युवा संसद में जिन युवाओं ने प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, गृहमंत्री इत्यादि जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं का निर्वाह किया है, मै आशा करता हूं कि एक दिन वे अवश्य ही उन पदों पर जाकर देश की सेवा करेंगे। इस तरह की युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन होते रहना चाहिए ताकि यह देश की राष्ट्रीय संसद में पहुंचने हेतु युवाओं को प्रेरित कर सके।
वहीं प्रतियोगिता के विशिष्ट अतिथि संयुक्त सचिव मप्र प्रेस क्लब अजय प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान में समसामयिक मुद्दों पर स्वस्थ चर्चा होना बहुत जरूरी है। युवा मीडिया से जुड़कर भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती मे अपना योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की प्रो चांसलर अदिति चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय द्वारा पठन पाठन के नये तरीकों को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों को बढ़ाया दिया जा रहा है। ताकि छात्र छात्राएं संसदीय प्रक्रियाओं जैसी कठिन चीजों को भी आसानी से सीख और समझ सके। विद्यार्थियों को एक सजग नागरिक के रूप में तैयार करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना हमारा मुख्य ध्येय है। वहीं विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विजय सिंह ने भी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में और बेहतर करने का आह्वान किया। इस अवसर पर एडिशनल डायरेक्टर नगरीय प्रशासन अनिल कुमार ने भी संबोधित किया।
प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका अवर सचिव, मप्र शासन एम के राजौरिया, राजनीति विज्ञान की सीनियर भावना भदौरिया तथा राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय भोपाल के एसोसिएट प्रोफेसर मनीष यादव ने निभाई। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन कार्यक्रम अधिकारी गब्बर सिंह ने व आभार ज्ञापन माधवी पाटकर ने किया।