आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल में शनिवार को मध्यप्रदेश के हजारों पटवारी जुटे। पिछले 3 दिन से अवकाश पर रहने के बाद उन्होंने राजधानी में तिरंगा यात्रा निकाली। अटल पथ (बुलेवर्ड स्ट्रीट) से जब पटवारी CM हाउस के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर पहले ही रास्ता बंद कर दिया। इस पर पटवारी सड़क पर ही बैठ गए। करीब 2 घंटे तक सड़क पर प्रदर्शन करने के बाद ही वे हटे। इधर, कोटवारों ने भी यहां प्रदर्शन किया। वे मानदेय बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर यह प्रदर्शन कर रहे थे।

तिरंगा यात्रा सुबह साढ़े 11.30 बजे से शुरू हुई। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि CM हाउस तक शांतिपूर्वक तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे। यह किसी प्रकार का प्रदर्शन नहीं था, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इस प्रदर्शन में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सीहोर समेत प्रदेशभर से पटवारी शामिल हुए। मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर के पटवारी 28 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

23 से 25 अगस्त तक रहे अवकाश पर

मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि हम चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। पहले चरण में 21 अगस्त से सभी सरकारी ग्रुप से लेफ्ट हो गए थे और ऑनलाइन काम का बहिष्कार किया था। दूसरे चरण में 23 से 25 अगस्त तक 3 दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहे। अब 26 अगस्त को भोपाल में तिरंगा यात्रा निकाली।

इन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन

मध्यप्रदेश में पटवारियों को 1998 में निर्धारित किए गए वेतनमान के अनुसार ही वर्तमान 2023 में वेतन दिया जा रहा है। पिछले 25 साल में प्रदेश के पटवारियों के वेतनमान में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। जबकि, पटवारियों से पूरे सेवाकाल में कार्य लेने वाले राजस्व विभाग एवं उसकी पद स्थापना वाले भू-अभिलेख विभाग के सभी पदोन्नत पदों (राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख) के वेतनमान में कई बार वृद्धि की गई। पटवारी वेतनमान पे ग्रेड 2800 के लिए वर्ष 2007 पटवारी महाअधिवेशन सनावद में घोषणा की गई थी। राजस्व मंत्री ने 2800 पे-ग्रेड किए जाने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हो पाया है।

ये मांगें भी

समयमान की वेतन विसंगति को सुधारा जाए।

पदोन्नति दी जाए। क्रमशः आरआई, नायब तहसीलदार और तहसीलदार।

गृह भाड़ा और यात्रा भत्ते संबंधी अन्य भत्ते बढ़ाए जाएं।