आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जुलाई-अगस्त महीने में मानसून की बेरुखी से मध्यप्रदेश के डैम-तालाब पूरे नहीं भर सके हैं। बरगी, इंदिरा सागर, तवा और टिल्लर जैसे बड़े डैम को छोड़ दें तो बाकी से पानी नहीं छलका है। ऐसे ही हाल राजधानी भोपाल के जलस्रोतों के भी है। चाहे बात लाइफ लाइन बड़ा तालाब की हो या कोलार, केरवा-कलियासोत डैम की। ये अभी भी 2.65 फीट से 14 फीट तक खाली है। इस कारण सिंचाई और पेयजल के लिए पानी की कमी हो सकती है। हालांकि, निगम अफसरों का दावा है कि जलस्रोतों में पेयजल आपूर्ति लायक पानी तो आ ही गया है। ऐसे में सप्लाई को लेकर कोई परेशानी नहीं आएगी।

भोपाल में अब तक औसम 21.62 इंच बारिश हुई है, जबकि 33.71 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से 64% बारिश ही हुई है। 36% बारिश कम होने से जलस्रोत भर नहीं सके हैं। इन्हीं जलस्रोतों के भरोसे शहर की 70% आबादी है, जबकि 30% आबादी को नर्मदा का पानी सप्लाई किया जाता है।

कोलार के दो गेट खुल चुके, इसके बाद पानी नहीं बढ़ा

भोपाल से जुड़े सीहोर जिले में भी 22% बारिश कम हुई है। सीहोर में तेज बारिश होने से बड़ा तालाब और केरवा डैम में पानी की आमद होती है, जबकि कोलार डैम सीहोर जिले में ही है। वहां कम बारिश होने के कारण कोलार डैम भी फुल नहीं भर सका है। हालांकि, जुलाई में अच्छी बारिश होने से कोलार डैम के 8 में से 2 गेट खुल गए थे। इसके बाद डैम में पानी नहीं बढ़ा। अगस्त में एक भी गेट नहीं खुला।

बड़ा तालाब नहीं भर सका, इसलिए भदभदा-कलियासोत के गेट नहीं खुले

बड़ा तालाब, भदभदा और कलियासोत डैम एक-दूसरे से कनेक्ट हैं। जब बड़ा तालाब पूरी तरह से भरता है तो भदभदा डैम के गेट खुलते हैं। भदभदा डैम का पानी जब कलियासोत डैम में पहुंचता है, उसके गेट खोले जाते हैं। इस बार बड़ा तालाब ही लबालब नहीं भर पाया है। इस कारण भदभदा और कलियासोत के गेट भी नहीं खुल पाए हैं। कलियासोत डैम का पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है। बाकी से पेयजल सप्लाई होती है।

यह है शहर में पानी की सप्लाई का सिस्टम

शहर में हर रोज 440 MLD (मिलियन लीटर डेली) पानी की सप्लाई होती है। कोलार डैम से 40%, नर्मदा लाइन से 30%, बड़ा तालाब से 25% और केरवा डैम से शहर के 5% हिस्से में पानी सप्लाई होता है। शहर में कुल 2.30 लाख नल कनेक्शन हैं। इसके जरिए नगर निगम घर-घर तक सुबह और शाम को पानी पहुंचाता है। नगर निगम के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग का कहना है कि जलस्रोतों में सप्लाई जितना पानी आ चुका है। सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी।

जानिये, जलस्रोतों में कितना आया पानी…

बड़ा तालाब : कोलांस नदी उफान पर नहीं, इस कारण आवक कम

बड़ा तालाब की जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है। अभी इसमें 1664.15 फीट पानी है। यानी, इसे पूरी तरह से भरने में ढाई फीट से ज्यादा पानी की जरूरत है। पूरा भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलेंगे। सीहोर में कम बारिश होने से कोलांस नदी खाली है। इसी नदी से बड़ा तालाब में पानी आता है। बड़ा तालाब से शहर के 25% हिस्से में पानी की सप्लाई होती है।

3 डैम में अभी इतना पानी

कोलार डैम: कोलार डैम का कुल वाटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1502.46 फीट पानी जमा है। जुलाई में इसके दो गेट खुल चुके हैं, लेकिन अगस्त में पानी की आवक ज्यादा नहीं हुई। इस कारण डैम को फुल भरने में अभी भी 14 फीट पानी की जरूरत है। शहर के 40% हिस्से में कोलार से पानी की सप्लाई की जाती है।