आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राजधानी भोपाल के हमीदिया रोड का नाम बदलकर गुरुनानक मार्ग रखा जाएगा। इसका प्रस्ताव सोमवार को होने वाले नगर निगम परिषद की मीटिंग में रखा जाएगा। इस प्रस्ताव को पहले ही MIC (मेयर इन कौंसिल) की मंजूरी मिल चुकी है। मालीखेड़ी दशहरा मैदान का नाम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के नाम पर करने समेत अन्य प्रस्ताव भी आएंगे। इधर, मीटिंग के एजेंडे में जनता से जुड़े मुद्दों को शामिल किए जाने पर विपक्ष हंगामा भी कर सकता है।
विधानसभा चुनाव से पहले नगर निगम परिषद की मीटिंग कई मायनों में खास है। मीटिंग के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश भी होगी।
इसलिए बदला जा रहा नाम
निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया, भोपाल ने 1 जून को अपना गौरव दिवस मनाया। इस मौके पर ऐतिहासिक तथ्य सामने आए थे कि नवाब हमीदुल्ला ने भोपाल की रियासत को दो साल तक भारत में विलय नहीं होने दिया। तब स्वतंत्रता संग्राम सैनानी, समाजसेवियों ने विलीनीकरण का आंदोलन चलाया। इस दौरान गोलियां चली और लोग शहीद हुए। नवाब ने तिरंगा फहराने पर पोस्ट मास्टर को गिरफ्तार कराया था। वे खुद पाकिस्तान चले गए थे। इन तथ्यों से स्पष्ट हो गया था कि नवाब भोपाल और भारत से प्रेम नहीं करते थे। उनका मन पाकिस्तान में अधिक रहता था। गौरव दिवस के दौरान मैंने प्रमुखता से कहा था कि नवाब हमीदुल्ला के नाम से कोई सड़क, स्कूल या कॉलेज नहीं होना चाहिए। रोड का नामकरण निगम के अधिकार क्षेत्र में है। इसलिए हमीदिया रोड का नाम बदलकर गुरुनानक मार्ग किया जाएगा। यहां गुरुनानक जी का देवस्थान है, जो काफी प्राचीन है।
ये प्रस्ताव भी आएंगे
कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में प्रधानमंत्री आवासीय परिसर का नाम पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर के नाम पर ‘बाबूलाल गौर आवासीय परिसर’ करने का प्रस्ताव।
मालीखेड़ी प्रधानमंत्री आवासीय परिसर का नाम पूर्व विधायक स्व. गौरीशंकर कौशल के नाम पर ‘गौरीशंकर कौशल आवासीय परिसर’ किए जाने का प्रस्ताव।
मालीखेड़ी दशहरा मैदान का नाम पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर के नाम पर ‘बाबूलाल गौर दशहरा मैदान’ करने का प्रस्ताव।
विपक्ष ने कहा- जनहित के मुद्दे नहीं रखे जा रहे, सिर्फ नामकरण की राजनीति
एजेंडे के प्रस्तावों को लेकर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि जनहित के मुद्दों को एजेंडे में जगह नहीं दी जा रही है। केवल नामकरण की राजनीति हो रही है। जिससे जनता का कुछ भी वास्ता नहीं है। मीटिंग में भ्रष्टाचार पर बात नहीं की जा रही। सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़कों, प्रधानमंत्री आवास, कर्मचारियों की सैलरी आदि मुद्दों पर बात नहीं की जा रही। निगम परिषद की सातवीं बैठक होगी। अब तक किसी में भी जनता से जुड़े मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है। इसका मीटिंग में विरोध करेंगे।
कांग्रेस इन मुद्दों पर कर सकती है हंगामा
परिषद की मीटिंग में जनता से जुड़े मुद्दों को शामिल किए जाने की मांग विपक्ष ने की है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने महापौर मालती राय करे लेटर भी सौंपा था। इन्हीं मुद्दों पर सोमवार को विपक्ष हंगामा भी कर सकता है।
पीने के पानी की शुद्धता के लिए वाटर सप्लाई सिस्टम में निगम की क्या व्यवस्थाएं हैं। बड़ा तालाब का पानी पीने योग्य बनाने के लिए प्रतिमाह कितना खर्च वहन किया जाता है। गुणवत्ता के क्या मापदंड है, आदि के बारे में निगम को अवगत कराया जाए।
निगम कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की दूसरी किश्त जल्दी दी जाए।
निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इसके पीछे कौन जिम्मेदार हैं समेत वेतन वितरण की क्या प्रक्रिया है, इस बारे में सदन को अवगत कराया जाए।
निगम के पार्षदों की पार्षद निधि को फाइलों में अब तक बजट बुक नहीं किया गया है। जिन फाइलों को बजट बुक में किया भी गया है तो वे टेंडर कमेटी में पड़ी है। जिन फाइलों में टेंडर हो चुके हैं, उनके वर्क आर्डर जारी नहीं किए गए हैं। जानबुझकर धीमी गति से छोटे-छोटे विकास कार्यों की प्रक्रिया की जा रही है। यह जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन है।
निगम के छोटे-छोटे ठेकेदारों का पेमेंट नहीं हो रहा है। इससे पार्षद निधि के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और वार्ड स्तर के विकास कार्य भी रूके हुए हैं। दूसरी ओर बड़े ठेकेदारों का पेमेंट किया जा रहा है।
शहर के कई इलाकों में एलईडी लाइट एक महीने में ही खराब हो गई है। कई स्थानों पर रात में स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती। एलईडी लाइट की गारंटी एवं नियम-शर्तें, सप्लायर द्वारा क्या अनुबंध किए गए थे, उस आधार पर क्या कार्रवाई हुई आदि को लेकर सदन में चर्चा की जाए।