आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पटवारी परीक्षा में कथित घोटाले की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। यह रिपोर्ट 31 अगस्त को आनी थी। दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में चुनावी माहौल भी चल रहा है। आचार संहिता भी लग जाएगी। ऐसे में रिपोर्ट में देरी के चलते कहीं न कहीं 8 हजार से अधिक चयनित उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटक गया है।

इस मामले में चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि, इसमें हमारी क्या गलती है। हम जबरदस्ती इस मामले में पिस रहे हैं। दरअसल रविवार को भोपाल के नीलम पार्क के अलावा शहर की सड़कों पर चयनित पटवारियों ने पैदल मार्च भी निकाला था। पुलिस ने कुछ चयनित पटवारियों की लात मारकर पिटाई की थी। इसके बाद उनपर मामला भी दर्ज किया गया है। 50 से 60 चयनित अभ्यर्थियों को आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ धारा 143 188 के तहत जहांगीराबाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

अलग-अलग चयनित पटवारियों ने क्या कुछ कहा, पढ़िए…

  1. मेरा चयन ग्रुप फोर में हुआ है। संदेह के आधार पर हमारी नियुक्ति रोक दी गई है। हमारी ईमानदारी का फल हमें नहीं मिल पा रहा है। हमारा दोष क्या है यह समझ नहीं आ रहा है। सरकार क्या करना चाह रही है। यह समझ नहीं आ रहा है। आकाश पाठक, मुरैना
  2. बहुत मेहनत की, हमारी क्या गलती

हम सरकार को बस इतना कहना चाहते हैं कि कुछ गलत हुआ भी है। तो वह कार्रवाई करे। लेकिन हमें इस तरह की सजा नहीं दी जाए। मैंने पांच साल बहुत मेहनत की है। मैं पांच साल तक मेहनत करके परीक्षा पास की है। बस हमें बता दें कि हमारी गलती क्या है। विजय राठौर, राजगढ़

लगातार भोपाल के चक्कर काट रहे

हम लगातार भोपाल के चक्कर काट रहे हैं। सरकार से हम यही कहना चाहते हैं, कि न्याय कीजिए और न्याय होना भी चाहिए, जो दोषी हैं उन पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। मगर जिन्होंने पढ़ाई की है, उनके साथ ऐसा नहीं किया जाए। रामजी शर्मा, ग्वालियर

रिटायर जस्टिस कर रहे मामले की जांच

इस मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस राजेंद्र कुमार वर्मा कर रहे हैं। वह 31 अगस्त को रिपोर्ट सौंपने वाले थे। मामले में अभी तक किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट भी सौंपी नहीं गई है। दूसरी तरफ कर्मचारी चयन मंडल बोर्ड भी इस बारे में बात करने को तैयार नहीं है।

अब जानिए क्या है पूरा मामला

पटवारी भर्ती परीक्षा 2022 के रिजल्ट में टॉप 10 स्टूडेंट की जो सूची जारी हुई तो उसमें एक ही सेंटर के 7 छात्र इसमें शामिल थे। जिसके बाद मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता गौरव त्रिपाठी ने मामले की शिकायत कर्मचारी चयन मंडल को की। उन्होंने इसमें गड़बड़ी होने की बात भी लिखी। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा कि टॉप 10 में से 7 अभ्यर्थी ग्वालियर के NRI कॉलेज से हैं।