आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: यू.आई.टी. आरजीपीवी भोपाल मे स्नातक स्तर में नवागत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के इंडक्शन कार्यक्रम दीक्षा आरंभ कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के सभागार में स्पीक मैके भोपाल चैप्टर के सहयोग से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पद्म विभूषण कुमार गंधर्व की बेटी एवं भारत की ख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली ने अपनी सुमधुर शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति से दीक्षा आरंभ कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का मन मोह लिया ! इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील कुमार, यू.आई.टी. आरजीपीवी भोपाल के निदेशक सुधीर सिंह भदौरिया, भाषा शुक्ला, विनीता भटनागर, जनसंपर्क अधिकारी शशि रंजन अकेला स्पीक मैके भोपाल चैप्टर के सुनील शुक्ला, रश्मि सारस्वत, रघुराज सिंह, नोइन खलीक ने कलापिनी कोमकली का शाल – श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेट कर विश्वविद्यालय की और से सारस्वत अभिनन्दन किया!
कलापिनी कोमकली ने राग मधुवंती में तीन ताल में निबद्ध रचना “शिव आदि अंत – मदन्त बलवंत जोगी, संग लिए चात्रक तारण भव तारण बलवंत जोगी” प्रस्तुत की! उन्होंने देश के ख्यात शास्त्रीय गायक बसंत राव देशपांडे (पुणे ) एवं कुमार गंधर्व की झप ताल में निबद्ध बंदिश” पैयाँ परन देऊ मोरे मन बसिया, काहे चरण धरो मेरो मन बसिया” प्रस्तुत करते हुए सूरदास का भजन, गुरु गोरखनाथ का लिखा निर्गुणी लोक भजन “ कांची छे काया थारी “ एवं छात्रों की मांग पर “ वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीर पराई जानी रे” की सुमधुर प्रस्तुति दी! कोमकली के साथ तबले पर पवन सेम एवं हारमोनियम पर दीपक खसरावल ने संगत प्रदान की!
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील कुमार ने कहा कि दीक्षा आरंभ कार्यक्रम के दौरान शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति छात्रों को भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत एवं परम्परा का परिचय कराती है! प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में लय एवं ताल से लक्ष्य को हांसिल करे!
कार्यक्रम का संचालन यू.आई.टी. आरजीपीवी भोपाल की छात्रा कृतिका अग्रवाल एवं प्रज्ञा हरमाडे एवं आभार प्रदर्शन भाषा शुक्ला ने व्यक्त किया  |