आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंदौर के लसूड़िया में सोमवार रात रेप का आरोप तीन लड़कों को फंसाने वाली नाबालिग लड़की ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। लड़की ने जो कहानी पुलिस के सामने बताई वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। मुंह बोले मौसा ने लड़की को अपनी बातों में फंसाकर रेप की स्क्रिप्ट तैयार कर तीन युवकों को फंसाने की पूरी प्लानिंग की। पूरे मामले में पुलिस रातभर कहानी और प्लानिंग बदलती रही। हालांकि सुबह होत-होते पूरे मामले से पर्दा उठ गया। इसके बाद पुलिस ने मुंहबोले मौसा और उसके साथी को ही आरोपी बना दिया। लसूड़िया पुलिस ने अब रेप का मामला विजयनगर पुलिस को सौंपा है। जिसे लेकर जांच की जा रही है।

एफआईआर में लड़की बताई पूरी कहानी

लड़की ने पुलिस से कहा- मम्मी-पापा में रोज झगड़े होते। घर का ऐसा माहौल देखकर मुझे दुख होता। मेरे दूर के रिश्ते में मौसा जी हेमंत का हमारे घर पर आना-जाना था। वह घर के बारे में सब जानते थे। एक बार जब मम्मी-पापा से मिलने आए तो दोनों घर पर नहीं थे। तो मौसा जी ने मुझसे कहा कि तेरे मम्मी-पापा पर बहुत कर्ज है, जो तू चुका सकती है। उन्होंने कहा कि मेरे पास एक तरीका है।

मैं सब फील्डिंग जमा दूंगा। इसमें पुलिस का मैटर होगा। मैं डर गई। उनको मना कर दिया। एक बार पापा ने फांसी लगाने की कोशिश की तो मम्मी ने कहा कि सब जहर खाकर मर जाते हैं। उसके कुछ दिन बाद मौसा फिर घर आए तो कहा कि छोटी खजरानी का एक काम है। यहां रहने वाले फाजिल और जीतू में से एक ने एक करोड़ दस लाख की कार ली है। मौसाजी ने कहा कि इन पर केस ठोक देंगे तो बहुत पैसा आएगा। तू नाबालिग है। फिर मैंने डर के कारण मना कर दिया।

घर की तंगी देखकर मैने एक हफ्ता पहले हेमंत मौसाजी को कॉल किया। मैंने कहा कि जो आप कहेंगे वह करने को तैयार हूं। तो मौसाजी ने कहा कि फील्डिंग जमाता हूं। दो दिन बाद मौसा जी ने मुझे एलआईजी चौराहे के पास गार्डन में मिलने बुलाया और कहा कि मैं तुझे दो लड़कों फाजिल और जीतू के फोटो दिखाउंगा। इन पर तुझे बलात्कार का केस लगाना है।

मौसा ने ऐसे रची थी पूरी स्क्रिप्ट

मौसा ने कहा था पुलिस को बताना कि फाजिल ने तुझे छोटी खजरानी के पास मिलने बुलाया। यहां जीतू को कॉल किया। जीतू यहां सफेद रंग की कार लेकर आया और वह अपने साथ कार में बैठाकर ले गए। कार में जूस पिलाया और मेरे साथ गलत काम किया। फिर कहना कि मुझे याद नहीं बॉम्बे अस्पताल चौराहे के पास मुझे थोड़ा होश आया।

इसके बाद आगे चौराहे के पास इन्होंने मुझे गाड़ी से फेंक दिया। फिर मैं बजरंग दल वालों के साथ मंदिर से निकलते हुए तुझे देख लूंगा। फिर तुझे थाने ले आएंगे। तुझे थाने में रिपोर्ट करना है। मेडिकल वाली डॉक्टर को में झूठी रिपोर्ट बनाने के पैसे दे दूंगा। फिर एफआईआर के एक माह बाद तू केस खत्म करने के एक करोड़ रुपए मांगना।

तेरी मां का कर्जा उतर जाएगा। – मैंने इमोशनल होकर हां कर दी। अभी दो-तीन दिन पहले हेमंत मौसाजी ने मुझे छोटी खजरानी मस्जिद के पहले कैफे में मिलने बुलाया और वहां पूरी कहानी फिर से समझायी। 2 सितंबर को हेमंत मौसा ने सुबह 9 से 10 बजे के बीच बॉम्बे अस्पताल के यहां आने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यहां बॉम्बे अस्पताल से तुझे मेरे पीछे-पीछे आना है।

मैं जिस लोकेशन पर हाथ झटकूं तुझे वहीं ही गिरना है। यह कहकर वह निकल गए। 3 सितंबर को मौसाजी ने मुझे मालवीय नगर गार्डन में मिलने बुलाया। कहा कि सब सेटिंग हो गई है। लेकिन तुझे फिजिकल होना पड़ेगा। क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट सिंपल आई तो हम फंस जाएंगे। इस पर मैंने कुछ जवाब नहीं दिया और मैं घर चली आई।

फिर रातभर मम्मी-पापा का मकान की किश्त नही भरने को लेकर बहुत झगड़ा हुआ। पूछने पर मम्मी ने बताया कि किश्त नही भरेंगे तो हमारा घर चला जाएगा। यह सब देखकर अगली सुबह मैंने 9 से 10 के बीच में हेमंत मौसाजी को हां कर दी।

मौसा ने ही लड़की को फिजिकल रिलेशन बनाने पर किया मजबूर

लड़की ने खुलासा करते हुए कहा कि मौसा ने उससे कहा कि तुझे एक लड़के के साथ जाना पड़ेगा। 12 बजे दोस्त की एक्टिवा लेकर एलआईजी के यहां नई बिल्डिंग के पास पहुंची( यहां एक लड़का मिला। उसने कहा कि हेमंत मौसा ने पहुंचाया है। यहां से मेरी गाड़ी पर बैठ गया। नजदीक ही प्रेस कॉम्प्लेक्स वाली गलियों से एक निर्माणाधीन मकान के यहां ले गया।

यहां एक तल में एक कमरा बना था, जिसमें ताला नही था। अंदर जाकर देखा तो वहां एक गद्दा पड़ा था। यह सब देखकर में जाने लगी। इस दौरान लड़के ने मेरा हाथ पकड़ लिया जबरदस्ती की और कहा कि जो करने आई हो वह कर लो और अपने मम्मी-पापा के बारे में सोचो। इसके बाद उसने मर्जी के बिना रेप किया।

यहां से निकालकर वह मुझे एलआईजी चौराहे के यहां लाया और निकल गया। मैं उसका नाम नहीं जानती। लेकिन सामने आने पर पहचान लूंगी। फिर मैं मोपेड देने के बाद अपने दोस्त के घर आ गई। मुझे मौसा जी का फोन आया कि अंधेरा होने तक रिक्शा से बॉम्बे अस्पताल के यहां आ जाना और मेरी बताई हुई जगह पर बेहोश होकर गिर जाना।

मैं हनुमान मंदिर से बजरंग दल वालों के साथ निकलूंगा। जब में पानी के छीटें डालू तो तू रोने लगना और फाजिल, जीतू और राहुल का नाम लेना। राहुल का नाम मुझे शाम को आने से पहले ही हेमंत मौसा जी ने बोलने के लिए कहा था। उनके कहने के बाद मैं अंधेरा होने पर रिक्शा से लोकेशन वाली जगह पर आ गई।

ऑटो से उतरने के बाद कुछ दूर पैदल चली और बेहोश होकर गिर गई। उस दिन मैंने कुछ खाया भी नही था। तो मुझे सच में भी चक्कर आ रहे थे। पेट में भी काफी दर्द हो रहा था। हेमंत मौसाजी के बताए अनुसार मैंने तीनों के नाम ले लिए। रात में मुझे मेडिकल पर ले गए तो वहां मम्मी-पापा और घर वाले भी आ गए।