आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए BJP की पहली सूची आने के बाद कांग्रेस भी सूची जारी करने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की पहली सूची 20 सितंबर तक आ सकती है। इसमें मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश की 105 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए जा सकते हैं। इसके लिए सिर्फ दिल्ली की मुहर लगना बाकी है। इसकी बैठक अगले हफ्ते की शुरुआत में होगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस सूची में इंदौर की पांच विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करने पर सहमति बन गई है। यहां मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक और क्षेत्रिय नेताओं के नाम शामिल हैं। ओपन बैठक में भी इन नामों पर चर्चा की गई थी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीपसिंह सुरजेवाला और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेन्द्रसिंह अलवर दो साथी सदस्यों सप्तागिरी उल्का, अजयकुमार लल्लू के साथ चार दिनों से भोपाल में डेरा डाले हुए थे। यह कुछ सीटों पर सिंगल और कुछ पर डबल नाम लेकर दिल्ली गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि सूची जारी होने में दो कारण से देरी हो रही है। पहला यह है कि, कांग्रेस आलाकमान भाजपा की दूसरी सूची के इंतजार में है। दूसरा कारण यह कि, कांग्रेस 105 से 107 सीटों पर अपनी पहली सूची जारी करना है, जिसके लिए 66 सीटों पर सिंगल नाम तय हैं, बाकी सीटों पर दो से तीन नामों पर अभी भी मंथन चल रहा है।
पढ़िए इंदौर जिले की 9 में से 5 विधानसभा सीटों पर सिंगल नाम पर सहमति बनते दिख रही है…
दिल्ली में 11-12 सितंबर को हो सकती है स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक
दिल्ली में अगले हफ्ते 12 सितंबर को स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग होगी। इस बैठक में मप्र विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के पैनल पर चर्चा होगी। इसके साथ ही सिंगल नामों वाली सीटों और हारी हुई उन सीटों पर नाम तय किए जाएंगे जहां ज्यादा विवाद की स्थिति नहीं हैं। इसके बाद 17 सितंबर को कांग्रेस की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक दिल्ली में ही होगी। इस बैठक में कांग्रेस के उम्मीदवारों की लिस्ट पर चर्चा होगी। इस बैठक में ही पहली लिस्ट में घोषित किए जाने वाले नामों की सूची भी फाइनल हो सकती है।
3 सीटों पर चल रही माथापच्ची, 2 सीटें पर चौंका सकती है कांग्रेस
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि इंदौर की दो ग्रामीण सीटों महू व सांवेर के अलावा इंदौर विधानसभा 4 की सीट पर चुनाव समिति को माथापच्ची करना पड़ रही है। इंदौर 4 में सज्जन सिंह वर्मा और दिग्विजय सिंह के समर्थकों के दावेदारी करने से पेंच फंस गया है। इंदौर-4 में एक तरफ दिग्विजय के समर्थक अक्षय कांती बम तो दूसरी तरफ सज्जन सिंह वर्मा के समर्थक राजा मंगवानी दावेदारी कर रहे हैं। वहीं महू में पार्टी को अंतर सिंह दरबार के अलावा कोई अन्य चेहरा नहीं मिल रहा है। दरबार लगातार तीन चुनाव हार चुके हैं। वहीं सांवेर में दावेदारों की संख्या ज्यादा होने से पार्टी नाम तय नहीं कर पा रही है। पांच नंबर सीट पर सत्यनारायण पटेल के अलावा भी दावेदार सामने आए हैं। इनमें स्वप्निल कोठारी भी तैयारी कर रहे हैं।
इंदौर शहर की कुछ सीटों पर लगातार हार रही कांग्रेस
इंदौर में कांग्रेस कुछ सीटों पर लगातार चुनाव हार रही है। इसमें इंदौर दो नंबर, चार नंबर, पांच नंबर, महू शामिल है। क्षेत्र 2 में कांग्रेस पांच बार से भाजपा से बुरी तरह से हार रही है। क्षेत्र 3 में पिछले दो बार से भाजपा जीत रही है। इसके पहले कांग्रेस के पास यह सीट थी। वहीं क्षेत्र 4 में भी कांग्रेस को 7 चुनाव से जीत नसीब नहीं हुई है। वहीं क्षेत्र 5 में कांग्रेस तीन बार से हार रही है। यहां से 15 साल पहले मौजूदा विधायक सत्यनारायण पटेल का टिकट कांग्रेस ने बदला था। उसके बाद से ही यह सीट कांग्रेस के हाथ में दोबारा नहीं आई। हालांकि पिछला चुनाव 15 दिन की तैयारी में लड़कर पटेल ने जीत का अंतर सिर्फ 1132 वोट पर ला दिया था।
ग्रामीण में कभी जीत, कभी हार
इंदौर ग्रामीण में आने वाली चार विधानसभा सीटों में से एक या दो सीट हमेशा कांग्रेस के पास रही है। राऊ में कांग्रेस पिछले दो चुनाव जीती है। 2008 में यहां पहली बार चुनाव हुए थे, जब यह सीट भाजपा के पास थी। राऊ का आधा हिस्सा शहर में तो आधा ग्रामीण में आता है। देपालपुर सीट पर 2013 में भाजपा जीती थी, लेकिन 2018 में कांग्रेस ने इसे जीती। इसके पहले यानी 2008 में भी यह सीट कांग्रेस के पास थी। इसी तरह सांवेर सीट पर देपालपुर की तरह ही परिणाम आए थे। इसी तरह महू की सीट कांग्रेस लगातार तीन बार हार रही है। इससे पहले 3 बार लगातार यह सीट कांग्रेस के पास थी।