अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में आठ साल बाद हुए छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मोहम्मद नोमान अशरफ अपने भाषण और 21 पन्नों के चुनावी घोषणापत्र को लेकर चर्चा में रहे। इतिहास विभाग के पीएचडी शोधार्थी नोमान ने यूनिवर्सिटी के यूनियन हॉल में आयोजित प्रेसिडेंशियल स्पीच के दौरान छात्र हितों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उनके भाषण में शरजील इमाम, उमर खालिद, गाजा, फिलीस्तीन, ईरान और सूडान का जिक्र हुआ।
कौन हैं नोमान अशरफ AMU की आधिकारिक उम्मीदवार सूची के अनुसार, नोमान अशरफ इतिहास विभाग में पीएचडी के तीसरे वर्ष के शोधार्थी हैं। उन्होंने 2026-27 के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की। कैंपस में उन्हें प्रभावशाली वक्ता और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहने वाले शोधार्थी के रूप में देखा गया।
भाषण में क्यों हुई चर्चा अपने भाषण में नोमान ने शरजील इमाम और उमर खालिद के कानूनी अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि अदालत का फैसला आने से पहले किसी व्यक्ति को आतंकवादी कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। इसके अलावा उन्होंने गाजा, फिलीस्तीन, ईरान और सूडान के लोगों के प्रति एकजुटता जताई।
21 पन्नों के घोषणापत्र में क्या वादे नोमान के घोषणापत्र में शोधार्थियों की छात्रवृत्ति 8,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने की मांग, महिला सुरक्षा के लिए विशेष सेल, छात्र शिकायतों के निपटारे की समयसीमा, हॉस्टल सुविधाओं में सुधार और प्लेसमेंट व्यवस्था की समीक्षा जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। उन्होंने किशनगंज, मुर्शिदाबाद और मल्लापुरम स्थित AMU केंद्रों के विद्यार्थियों को भी छात्रसंघ में बेहतर प्रतिनिधित्व देने की बात कही।
चुनाव में मिली बड़ी जीत 6 नवंबर को घोषित नतीजों में नोमान अशरफ ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उन्हें 7,797 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद इंतखाब को 4,121 वोटों से हराया। इस जीत के साथ वह 2026-27 सत्र के लिए AMU छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए।
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