कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कैलकुलेटर के इस्तेमाल की अनुमति देने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) तथा राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र ‘परख’ को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों से छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। हालांकि, कोर्ट ने अभी छात्रों को कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है।
यह जनहित याचिका दिल्ली के पीतमपुरा निवासी विशाल दुआ ने 10 अन्य अभिभावकों की ओर से दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि 12वीं की अकाउंटेंसी परीक्षा में साधारण और गैर-प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए। साथ ही गणित की परीक्षा में भी कैलकुलेटर की जरूरत पर विशेषज्ञ समिति से विचार कराने का आग्रह किया गया है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि अकाउंटेंसी और गणित जैसे विषयों में लंबी गणनाएं हाथ से करने में काफी समय खर्च होता है। इससे विद्यार्थियों को अपनी विषयगत समझ और अवधारणाओं के इस्तेमाल को प्रदर्शित करने के लिए कम समय मिल पाता है।
याचिका में सीबीएसई की पाठ्यक्रम समिति की नवंबर 2024 में हुई 70वीं बैठक का भी हवाला दिया गया है। दावा है कि समिति ने 12वीं की अकाउंटेंसी परीक्षा में बेसिक कैलकुलेटर की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। दिसंबर 2024 में यह प्रस्ताव बोर्ड की गवर्निंग बॉडी के सामने भी रखा गया, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।
याचिका में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कैलकुलेटर सुविधा का दायरा बढ़ाने की मांग भी की गई है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और अंतिम फैसला संबंधित पक्षों के जवाब तथा आगे की सुनवाई के बाद होगा।
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