आठ साल बाद AMU में छात्रसंघ चुनाव, भाषणों में छाए राष्ट्रीय मुद्दे
सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियां, भोपाल: उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में आठ साल के लंबे अंतराल के बाद छात्रसंघ चुनाव 2026-27 का आयोजन किया गया। चुनावी सरगर्मियों के बीच उम्मीदवारों के भाषणों में विश्वविद्यालय की पढ़ाई, हॉस्टल सुविधाओं और छात्रों की समस्याओं के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। शरजील इमाम, उमर खालिद, आजम खान की रिहाई और गाजा-फिलीस्तीन का मुद्दा चुनावी बहस के केंद्र में रहा।
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार नोमान अशरफ ने अपने भाषण में शरजील इमाम और उमर खालिद का जिक्र करते हुए राजनीतिक बंदियों और न्यायिक प्रक्रिया का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला आने से पहले किसी व्यक्ति को आतंकवादी का तमगा देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। दोनों आरोपी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हैं।
नोमान अशरफ ने अपने संबोधन में गाजा, फिलीस्तीन, ईरान और सूडान के लोगों के प्रति एकजुटता भी जताई। उन्होंने मुस्लिम समुदाय की वैश्विक एकता का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के लोगों के साथ उम्मत-ए-मुस्लिमा खड़ी है।
वहीं, अध्यक्ष पद के एक अन्य उम्मीदवार मोहम्मद इंतखाब ने समाजवादी पार्टी के नेता और AMU के पूर्व छात्र आजम खान की रिहाई की मांग उठाई। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा भी अपने भाषण में शामिल किया।
आठ साल बाद लौटे छात्रसंघ चुनाव ने विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति को फिर सक्रिय किया है। हालांकि, चुनावी भाषणों में व्यापक राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की प्रमुखता के बीच कैंपस की बुनियादी समस्याओं को लेकर भी बहस जारी है।
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