सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बच्चे को स्कूल में एडमिशन दिलाने की क्या है सही उम्र? जानें नियम

बच्चे को स्कूल भेजने की सही उम्र को लेकर अक्सर माता-पिता के मन में सवाल रहता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूली शिक्षा के 5+3+3+4 ढांचे में तीन साल की प्री-प्राइमरी शिक्षा को शामिल किया गया है। इसके बाद बच्चे को कक्षा 1 में प्रवेश दिया जाना है। शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कक्षा 1 में प्रवेश की उम्र 6 वर्ष या उससे अधिक रखने को कहा है।

नई व्यवस्था में आम तौर पर 3 वर्ष की उम्र में प्री-स्कूल या बालवाटिका, 4 वर्ष में अगला स्तर और 5 वर्ष की उम्र में तीसरे प्री-प्राइमरी स्तर की पढ़ाई का प्रावधान है। इसके बाद 6 वर्ष की उम्र में कक्षा 1 शुरू होती है। हालांकि, प्रवेश की कटऑफ तारीख और विस्तृत नियम संबंधित राज्य या स्कूल के अनुसार अलग हो सकते हैं। दिल्ली समेत कई राज्यों ने 2026-27 से कक्षा 1 के लिए छह वर्ष की न्यूनतम उम्र लागू की है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार है। कानून के अनुसार उम्र के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाणपत्र सहित निर्धारित दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं और केवल उम्र का प्रमाण उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता।

माता-पिता को बच्चे का दाखिला कराने से पहले संबंधित राज्य के शिक्षा विभाग और स्कूल की कटऑफ तारीख, उम्र सीमा और प्रवेश नियम जरूर जांचने चाहिए। खासकर कक्षा 1 में प्रवेश के लिए केवल कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि स्कूल द्वारा निर्धारित कटऑफ तारीख के आधार पर बच्चे की उम्र देखी जा सकती है।


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