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दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने छोटे बच्चों की पढ़ाई को लेकर अहम फैसला लिया है। राजधानी के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा पांचवीं तक की पढ़ाई अब हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी। इसके तहत विद्यार्थियों को स्कूल जाकर ऑफलाइन पढ़ने के साथ घर से ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने का विकल्प भी मिलेगा।

शिक्षा निदेशालय ने यह निर्देश 6 नवंबर को जारी किया, जो तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक लागू रहेगा। यह व्यवस्था शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के साथ-साथ एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंट के स्कूलों पर भी लागू होगी। स्कूलों को अभिभावकों और संरक्षकों को इस व्यवस्था की जानकारी तुरंत देने के निर्देश दिए गए हैं।

GRAP-3 लागू होने के बाद फैसला

यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू किए जाने के बाद उठाया गया है। 6 नवंबर को प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP-3 लागू किया गया था। इसके बाद छोटे बच्चों को प्रदूषण के संपर्क से बचाने के उद्देश्य से हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था की गई है।

7 नवंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 364 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। शिक्षा निदेशालय ने जिला और जोन स्तर के अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण कर आदेश का पालन सुनिश्चित कराने को भी कहा है।

स्कूल बंद नहीं, ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प

अभिभावकों के लिए यह समझना जरूरी है कि सरकार ने स्कूल पूरी तरह बंद करने का आदेश नहीं दिया है। कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थी स्कूल जाकर पढ़ सकते हैं या जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां घर से कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी।


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