सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : KFT यानी Kidney Function Test में सोडियम की जांच शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट के संतुलन को समझने में मदद करती है। खून में सोडियम का सामान्य स्तर आमतौर पर करीब 135–145 mmol/L माना जाता है, हालांकि अलग-अलग लैब की रेफरेंस रेंज थोड़ी अलग हो सकती है।
अगर सोडियम 135 mmol/L से कम हो, तो इसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है। इसके पीछे बहुत अधिक पानी पीना, उल्टी-दस्त से इलेक्ट्रोलाइट की कमी, कुछ दवाएं, किडनी, हृदय या लिवर की बीमारी, हार्मोन संबंधी समस्या जैसी कई वजहें हो सकती हैं। कम सोडियम में कमजोरी, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन या भ्रम जैसे लक्षण हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में दौरे या बेहोशी भी हो सकती है। वहीं, 145 mmol/L से ऊपर सोडियम बढ़ने को हाइपरनेट्रेमिया कहा जाता है। यह अक्सर शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक पसीना, उल्टी-दस्त या पर्याप्त पानी न पीने जैसी स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। किडनी की कुछ समस्याएं और कुछ दवाएं भी इसका कारण बन सकती हैं।
सिर्फ सोडियम की एक रिपोर्ट देखकर बीमारी तय नहीं की जा सकती। डॉक्टर आमतौर पर क्रिएटिनिन, यूरिया, पोटैशियम, ग्लूकोज और अन्य जांचों के साथ पूरी रिपोर्ट देखते हैं। बहुत कम या बहुत ज्यादा सोडियम के साथ भ्रम, दौरे या बेहोशी हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
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