सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त और सोचने की क्षमता में बदलाव सामान्य माना जाता है, लेकिन कुछ बुजुर्गों में बढ़ती उम्र के बावजूद दिमाग अपेक्षाकृत तेज बना रहता है। वैज्ञानिक ऐसे लोगों के मस्तिष्क में होने वाले बदलावों को समझने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उम्र से जुड़ी संज्ञानात्मक गिरावट के कारणों का पता लगाया जा सके।

हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि उम्र बढ़ने के दौरान मस्तिष्क की छोटी दूरी वाली तंत्रिका कनेक्टिविटी संज्ञानात्मक क्षमता बनाए रखने में भूमिका निभा सकती है। मस्तिष्क के ऊतकों में उम्र के साथ बदलाव होने के बावजूद बेहतर कनेक्शन भाषा और सोचने की क्षमता से जुड़े बेहतर प्रदर्शन के साथ देखे गए हैं। वैज्ञानिकों का ध्यान केवल मस्तिष्क की संरचना पर ही नहीं, बल्कि जीवनशैली पर भी है। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, सामाजिक संपर्क और मानसिक रूप से सक्रिय रहना उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। शोध में स्वस्थ खान-पान और नियमित गतिविधियों का बेहतर संज्ञानात्मक स्वास्थ्य से संबंध भी सामने आया है।

हालांकि, किसी एक आदत को तेज दिमाग की गारंटी नहीं माना जा सकता। वैज्ञानिक अभी यह समझने में जुटे हैं कि आनुवंशिकता, जीवनशैली और मस्तिष्क की संरचना मिलकर उम्र के साथ संज्ञानात्मक क्षमता को कैसे प्रभावित करती हैं।


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