सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बवासीर यानी Hemorrhoids गुदा और निचले मलाशय की सूजी हुई नसों की स्थिति है। इसे मुख्य रूप से आंतरिक (Internal), बाहरी (External), प्रोलैप्स्ड और थ्रोम्बोस्ड बवासीर के रूप में देखा जाता है। आंतरिक बवासीर मलाशय के अंदर होती है और इसमें अक्सर बिना दर्द के चमकीले लाल रंग का रक्तस्राव हो सकता है। बाहरी बवासीर गुदा के आसपास त्वचा के नीचे होती है और इसमें दर्द, खुजली या सूजन हो सकती है।

आंतरिक बवासीर को आगे ग्रेड-1 से ग्रेड-4 तक बांटा जाता है। ग्रेड-1 अंदर रहती है, ग्रेड-2 मल त्याग के दौरान बाहर आकर खुद अंदर चली जाती है, ग्रेड-3 को हाथ से अंदर करना पड़ सकता है, जबकि ग्रेड-4 बाहर ही रहती है और वापस अंदर नहीं जाती।

थ्रोम्बोस्ड बवासीर में बाहरी बवासीर के अंदर खून का थक्का बन जाता है। इससे अचानक तेज दर्द, सूजन और नीले या बैंगनी रंग की गांठ हो सकती है। यह बेहद दर्दनाक हो सकती है, लेकिन आमतौर पर जानलेवा नहीं होती।

ध्यान रखें, बवासीर की कोई सामान्य किस्म अपने आप में आमतौर पर “जानलेवा” नहीं मानी जाती। खतरा ज्यादा रक्तस्राव से हो सकता है, जिससे चक्कर, कमजोरी या दुर्लभ मामलों में एनीमिया हो सकता है। बहुत ज्यादा या लगातार रक्तस्राव, चक्कर या बेहोशी की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें। साथ ही, हर गुदा रक्तस्राव को बवासीर मानना सही नहीं है, क्योंकि इसके पीछे अन्य गंभीर कारण भी हो सकते हैं।


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