सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विजडम टूथ यानी तीसरी दाढ़ मुंह के सबसे पीछे निकलने वाला स्थायी दांत है। आमतौर पर यह 17 से 25 साल की उम्र के बीच निकलता है। कुछ लोगों में यह सामान्य तरीके से निकलकर चबाने में मदद करता है और किसी तरह की परेशानी नहीं देता।
हालांकि, कई लोगों के जबड़े में इस दांत के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती। ऐसी स्थिति में यह टेढ़ा निकल सकता है या मसूड़े के अंदर ही फंस सकता है, जिसे इम्पैक्टेड विजडम टूथ कहा जाता है। इससे दर्द, मसूड़ों में सूजन या संक्रमण, भोजन फंसना, दांतों में कैविटी और आसपास के दांतों को नुकसान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसे कब निकलवाना चाहिए? अगर बार-बार संक्रमण हो, लगातार दर्द रहे, दांत में सड़न हो, आसपास के दांत को नुकसान पहुंच रहा हो, मसूड़ों की बीमारी हो या सिस्ट जैसी समस्या बन रही हो, तो डेंटिस्ट या ओरल सर्जन दांत निकालने की सलाह दे सकते हैं। दांत की स्थिति जानने के लिए एक्स-रे भी किया जा सकता है।
हर विजडम टूथ को निकालना जरूरी नहीं है। अगर दांत स्वस्थ है, सही जगह निकला है और आसानी से साफ किया जा सकता है, तो उसे आमतौर पर निगरानी में रखा जा सकता है।
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