सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मनस्वी वशिष्ठ ने निलंबन के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर साझा की है। उन्होंने अपने निलंबन के फैसले को सही बताते हुए कहा कि यह विभागीय कार्रवाई का हिस्सा है और इससे उनका मनोबल या आत्मविश्वास कम नहीं हुआ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच होने का भरोसा भी जताया है।
मनस्वी वशिष्ठ ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए संपर्क सभा में शामिल होकर अपनी बात रखने वाले पुलिसकर्मियों और उनका समर्थन करने वालों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठक में पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याएं खुलकर वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखीं। उन्हें उम्मीद है कि इन मुद्दों पर अमल होगा और उनका जल्द समाधान किया जाएगा।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि निलंबन कोई गलत कार्रवाई नहीं, बल्कि विभागीय प्रक्रिया है। उन्हें विश्वास है कि पूरी निष्पक्षता से जांच होगी और उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपने काम के प्रति फोकस, प्रतिबद्धता और संकल्प को और मजबूत बनाए रखने की अपील भी की।
गौरतलब है कि 2 नवंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार के तबादले के विरोध में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी दोनों अधिकारियों को बहाल करने और अपनी विभागीय समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे।
इसके कुछ घंटे बाद गृह मंत्रालय ने मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मंत्रालय के आदेश में उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित होने का उल्लेख किया गया है। यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था। फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मनस्वी वशिष्ठ ने निलंबन के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर साझा की है। उन्होंने अपने निलंबन के फैसले को सही बताते हुए कहा कि यह विभागीय कार्रवाई का हिस्सा है और इससे उनका मनोबल या आत्मविश्वास कम नहीं हुआ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच होने का भरोसा भी जताया है।
मनस्वी वशिष्ठ ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए संपर्क सभा में शामिल होकर अपनी बात रखने वाले पुलिसकर्मियों और उनका समर्थन करने वालों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठक में पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याएं खुलकर वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखीं। उन्हें उम्मीद है कि इन मुद्दों पर अमल होगा और उनका जल्द समाधान किया जाएगा।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि निलंबन कोई गलत कार्रवाई नहीं, बल्कि विभागीय प्रक्रिया है। उन्हें विश्वास है कि पूरी निष्पक्षता से जांच होगी और उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपने काम के प्रति फोकस, प्रतिबद्धता और संकल्प को और मजबूत बनाए रखने की अपील भी की।
गौरतलब है कि 2 नवंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार के तबादले के विरोध में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी दोनों अधिकारियों को बहाल करने और अपनी विभागीय समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे।
इसके कुछ घंटे बाद गृह मंत्रालय ने मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मंत्रालय के आदेश में उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित होने का उल्लेख किया गया है। यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था। फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है।
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