सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) को क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में बड़ा झटका लगा है। विश्वविद्यालय पिछले वर्ष के 95वें स्थान से 11 पायदान नीचे खिसककर 106वें स्थान पर पहुंच गया है। इस गिरावट के साथ ही डीयू एशिया के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों की सूची से बाहर हो गया है। रैंकिंग जारी होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में इस प्रदर्शन को लेकर चर्चा और निराशा का माहौल है।

क्यूएस की ताजा रैंकिंग के अनुसार, डीयू की स्थिति प्रभावित होने के पीछे अकादमिक प्रतिष्ठा, नियोक्ताओं के बीच पहचान और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी जैसे संकेतक अहम हैं। रैंकिंग में अकादमिक प्रतिष्ठा को 30 प्रतिशत और नियोक्ता प्रतिष्ठा को 20 प्रतिशत वेटेज दिया जाता है। इसके अलावा विदेशी छात्रों की संख्या, छात्र विनिमय कार्यक्रम और शोध के प्रभाव को भी आकलन में शामिल किया जाता है।

इस बार रैंकिंग का दायरा भी बढ़ा है। इसमें एशिया के 26 उच्च शिक्षा तंत्रों के कुल 1,722 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है, जिनमें 195 नए संस्थान हैं। भारत के 325 विश्वविद्यालयों ने इस सूची में जगह बनाई है। ऐसे में क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा और अधिक कड़ी हुई है।

हालांकि, भारतीय संस्थानों में कुछ विश्वविद्यालयों ने बेहतर प्रदर्शन भी किया है। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय 109वें से 104वें स्थान पर पहुंचा, जबकि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 187वें से 154वें स्थान पर छलांग लगाई। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय 130वें से 128वें और जामिया मिल्लिया इस्लामिया 197वें से 183वें स्थान पर पहुंचा।

विशेषज्ञों के अनुसार, डीयू के सामने शोध की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव बढ़ाने, विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी मजबूत करने तथा वैश्विक अकादमिक पहचान बेहतर बनाने की चुनौती है।


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