सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की निलंबित एसीपी मनस्वी वशिष्ठ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। वकीलों को कथित तौर पर AK-47 से धमकी देने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में एसीपी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है। अदालत ने मामले में स्वतः संज्ञान लेने से इनकार करते हुए वकीलों से औपचारिक याचिका और संबंधित साक्ष्य पेश करने को कहा है।

मंगलवार, 3 नवंबर को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एन.वी. संब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ के सामने वकीलों ने मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मुख्यालय के बाहर 2 नवंबर को हुए प्रदर्शन के दौरान वकीलों के लिए ‘काले कोट के गुंडे’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया और AK-47 से गोली मारने की धमकी दी गई। पीठ ने कहा कि उपलब्ध सामग्री के साथ विधिवत याचिका दाखिल की जाए, जिस पर अदालत विचार करेगी।

यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में वकील ललित बंसल के साथ हुई कथित मारपीट से शुरू हुआ था। इस घटना में बंसल के सिर में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद वकीलों ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हड़ताल शुरू कर दी थी। 28 अक्टूबर को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और थाना प्रभारी अरुण कुमार के तबादले के बाद हड़ताल वापस ली गई।

2 नवंबर को तबादलों के विरोध में पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद गृह मंत्रालय ने मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया। अब हाईकोर्ट में दायर याचिका के जरिए कथित धमकियों की जांच और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल आरोपों पर अदालत का कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है।


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