सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली: दिल्ली में साइबर अपराधियों को बैंक खाते और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले संगठित नेटवर्क का बाहरी उत्तरी जिला साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में करीब 70 म्यूल बैंक खाते, 187 संदिग्ध सिम कार्ड और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की 125 शिकायतों का खुलासा हुआ है। इन शिकायतों में लगभग 1.59 करोड़ रुपये की ठगी की रकम जुड़ी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को बीमा लाभ और आर्थिक फायदा दिलाने का झांसा देकर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद बैंकिंग किट, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज साइबर ठगों तक पहुंचाए जाते थे। इस काम के बदले आरोपी करीब 10 प्रतिशत कमीशन लेते थे। इस नेटवर्क से जुड़े एक आरोपी मोहित की पहचान हुई है, जो दूसरे मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।
जांच में टेलीकॉम डीलर अतुल की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि वह ग्राहकों के फोटो और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड जारी करवाता था। इन सिम कार्ड को समीर उर्फ सैम और पंकज को करीब 1,500 रुपये प्रति सिम में बेचा जाता था। वर्ष 2026 में इस तरीके से लगभग 187 सिम कार्ड जारी कराए जाने की बात सामने आई है।
एक अन्य मामले में सुमित पर तीन बैंक खाते विक्की चौहान को 20 हजार रुपये में बेचने का आरोप है। पुलिस विक्की और अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने जालंधर से सौरव को भी एपीके आधारित साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। उसके मोबाइल में 29 बैंक खातों और 95 कार्ड से संबंधित जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, इस मॉड्यूल के जरिए करीब 3.73 करोड़ रुपये की संदिग्ध ठगी की रकम का लेनदेन हुआ। जांच में कई राज्यों में फैले नेटवर्क और ठगी की रकम से खरीदी गई संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है।
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